28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्‍म होते ही दिल्‍ली में वायु प्रदूषण बढ़ा, कई इलाकों की स्थिति बेहद खराब

पश्चिमी विक्षोभ के कारण जितना प्रदूषण कम नहीं हुआ था, 24 घंटे के भीतर उससे ज्‍यादा बढ़ गया।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Mazkoor Alam

•

Updated: 14 Oct 2018, 8:10 PM IST

पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्‍म होते ही दिल्‍ली में वायु प्रदूषण बढ़ा, कई इलाकों की स्थिति बेहद खराब

पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्‍म होते ही दिल्‍ली में वायु प्रदूषण बढ़ा, कई इलाकों की स्थिति बेहद खराब

नई दिल्‍ली : राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र को पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदूषण से मुक्ति मिली जरूर थी, लेकिन यह खुशी एक दिन भी बरकरार नहीं रही। पश्चिमी विक्षोभ के कारण जितना प्रदूषण कम नहीं हुआ था, 24 घंटे के भीतर उससे ज्‍यादा बढ़ गया। 24 घंटे में में ही राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र का प्रदूषण का स्तर 3 गुना बढ़ गया है और दिल्ली एनसीआर के कई क्षेत्र के वायु के गुणवत्ता का स्तर बेहद खराब की श्रेणी में पहुंच गया है।

पश्चिमी विक्षोभ के कारण लगा था अंकुश
पश्चिमी विक्षोभ के चलते हरियाणा के आसमान में गुरुवार को बने सरकुलेशन की वजह से राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण से काफी हद तक राहत मिली थी। तेज हवा अपने साथ हवा में घुले प्रदूषण को भी बहा ले गई थी, लेकिन असर खत्‍म होते ही हालत पहले से भी ज्‍यादा खराब हो गई और शनिवार को प्रदूषक कण पीएम-10 और पीएम-2.5 की मात्रा हवा में तीन गुना तक बढ़ गई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अभी और हवा की गुणवत्ता खराब होने के आसार हैं। शुक्रवार दोपहर 3 बजे पीएम-10 कणों की मात्रा 148.8 थी, जबकि शनिवार शाम 7 बजे तक यह 284.5 हो गया था। जबकि शुक्रवार की दोपहर 1 बजे पीएम-2.5 का स्तर हवा में 56.8 था, जो शनिवार शाम 7 बजे 145.1 तक पहुंच गया। एनसीआर के शहरों की बात करें तो फरीदाबाद में 305, गुरुग्राम में 312 और गाजियाबाद के वसुंधरा में 373 के स्तर पर वायु गुणवत्ता पहुंची हुई थी।

क्‍या है वायु प्रदूषण का मतलब
मानकों के अनुसार, पीएम 10 की मात्रा 100 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर और पीएम 2.5 की मात्रा 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से ज्‍यादा नहीं होनी चाहिए। वायु गुणवत्ता सूचकांक 60 के नीचे होने पर उसे अच्छा, 60 से 100 के बीच होने पर उसे संतोषजनक, 100 से 200 के बीच होने पर उसे मध्यम और 200 से 300 के बीच होने पर खराब, 300 से 400 के बीच होने पर उसे बेहद खराब और 400 के ऊपर होने पर गंभीर माना जाता है।

बड़ी खबरें

View All

विविध भारत

ट्रेंडिंग