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जिस गांव में पानी के लिए तरस रहे थे लोग, वहां सभी परिवार रातोंरात बन गया करोड़पति

जिस गांव में किसान पानी के लिए तरस रहे थे और सुसाइड कर रहे थे, वे सब रातोंरात करोड़पति बन गए हैं।
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नई दिल्ली

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Kaushlendra Pathak

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Updated: 28 May 2018, 3:08 PM IST

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जिस गांव में पानी के लिए तरस रहे थे लोग, वहां सभी परिवार रातोंरात बन गया करोड़पति

नई दिल्ली। बहुत पुरानी कहावत है कि किसकी किस्मत कब, कहां और कैसे बदल जाए यह कोई नहीं जानता। कुछ ऐसा ही हुआ महाराष्ट्र एक गांव में, जहां लोग पानी के लिए तरस रहे थे वे सब रातोंरात करोड़पति बन गए हैं। दरअसल, तुलजापुर से नागपुर नेशनल हाईवे हदगांव तहसील के 7 गांवों से गुजर रहा है। इस मार्ग पर 5,44,517 हेक्टेयर जमीन का सरकार ने अधिग्रहण किया है। जिसके बदले में किसानों को जो रकम दी गई है वो करोड़ों में है।

242 परिवार बन गए करोड़पति

गौरतलब है कि मराठवाड़ा में आने वाला हदगांव में कुल 242 किसान परिवार रहते हैं। यह ऐसा इलाका है, जहां पानी की किल्लत कई बरसों से चल रही है। साथ ही फसलों को कम दाम ना मिलने से कई किसान यहां सुसाइड तक कर चुके हैं। लेकिन, सारा परिवार आज करोड़पति बन गया है।


हदगाव के उपविभागीय अधिकारी महेश वडदकर ने बताया कि गोजेगांव, हदगांव, कवठा, अंबाला, पलसा, बरडशेवला, बामणी, चिंचगवहाण, शिबदरा, मनाठा, चोरांबा, वाकोडा, करमोडी की 69,905 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई है। मुआवजे के रूप में किसानों को 79 करोड़ 157 लाख 590 रुपये की रकम बांटी गई है। हालांकि, कुछ किसानों के आपसी विवादों के कारण कुछ मामले अभी रूक गया है। लेकिन, जल्द ही इसको भी सुलझा लिया जाएगा। वहीं, इस बारे में नांदेड़ जिले के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अरुण डोंगरे ने एक वेबसाइट को बताया कि किसानों को तीन स्लैब्स के अनुसार अधिग्रहित जमीन के लिये पैसे दिये जा रहे हैं। जिनकी कम जमीन अधिग्रहित हुई है, उन्हें 100 प्रतिशत तक रकम दी गई है। जिनकी ज्यादा जमीन है उन्हें 70 प्रतिशत भुगतान हुआ है, जो जल्द पूरा कर लिया जाएगा। बहरहाल, संघर्ष और आहत्महत्या कर रहे किसानों की जिंदगी यहां अचानक बदल गई है और वो करोड़पति बन चुके हैं। साथ ही इस योजना से सभी घरों में खुशी लौट गई है। खासबात यह कि अब कोई किसान आत्महत्या के बारे में शायद न सोचे।