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असम और अरुणाचल के कई इलाकों पर बाढ़ का खतरा, प्राकृतिक कारणों का बहाना बनाकर चीन रच रहा बड़ी साजिश!

असम और अरुणाचल के कई इलाकों पर बाढ़ का खतरा, प्राकृतिक कारणों का बहाना बनाकर चीन रच रहा बड़ी साजिश!
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नई दिल्ली

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Dheeraj Sharma

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Updated: 22 Oct 2018, 10:13 AM IST

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असम और अरुणाचल के कई इलाकों पर बाढ़ का खतरा, प्राकृतिक कारणों का बहाना बनाकर चीन रच रहा बड़ी साजिश!

नई दिल्ली। देश के पूर्वोत्तर का महत्वपूर्ण इलाका इस समय बाढ़ के खतरे से जूझ रहा है। वजह है ड्रैगन की दादागिरी। असम और अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सिर्फ असम के ही दस गांव पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं। बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकारी एजेंसियों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। तिब्बत में लैंडस्लाइड होने से एक नदी का रास्ता बंद हो गया है, इसके बाद यहां कृत्रिम झील बन गई और पहाड़ से गिरे चट्टानों ने नदी का रास्ता रोक दिया है।


16 अक्टूबर को तिब्बत के यारलुंग सांग्पो नदी पर हुए भूस्खलन के कारण अब अस्थाई बांध के टूटने का खतर मंडरा रहा है। बांध टूट जाता है तो इसका पानी सीधे तौर पर नीचे स्थित इलाकों में तेज रफ्तार से पहुंचेगा ऐसे में अरुणाचल प्रदेश और असम के इलाके इसकी चपेट में आ जाएंगे। आपको बता दें कि सांग्पो नदी को अरुणाचल प्रदेश में सियांग कहा जाता है जबकि अमस में इसे ब्रह्मपुत्र कहते हैं।

दरअसल चीन हर सेकेंड ब्रह्मपुत्र नदी में 18 हजार क्यूबिक मीटर पानी छोड़ रहा है। ऐसे में नदी के आस-पास के कई इलाके इसकी चपेट में आ रहे हैं। असम के धेमाजी, डिब्रूगढ़, लखीमपुर, तिनसुकिया और जोरहाट जिलों में हाई अलर्ट घोषित है, पानी का स्तर जिस गति से बढ़ रह है बाढ़ का खतरा भी बढ़ रहा है। पानी धीरे-धीरे निकल गया तब तो ठीक है, लेकिन वहां फ्लैश फ्लड की स्थिति बनी तो निचले इलाकों में स्थिति खराब हो सकती है।
अधिकारियों की माने तो नदी में पानी खतरे के निशान को पार कर चुका है। वहीं चीन इसे 'प्राकृतिक आपदा' बताकर अपनी गलती छिपाने में लगा है।

भारतीय एजेंसियों को शक है कि प्राकृतिक कारण का हवाला देकर चीन भारतीय भूभाग में तबाही की साजिश रच सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन इलाकों में लैंडस्लाइड की घटनाएं तो होती हैं, लेकिन सही समय पर इसकी सूचना देकर निचले इलाकों में नुकसान कम किया जा सकता है।

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