6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

M S Dhoni: कैप्टन कूल की जिंदगी से जुड़ी 10 बातें, जो आप नहीं जानते होंगे

Mahendra Singh Dhoni ने International Cricket से लिया संन्यास ICC की तीनों ट्रॉफी पर कब्जा जमाना वाले इकलौते कप्तान हैं Mahendra Singh Dhoni 15000 फीट की ऊंचाई से छलांग लगाने वाले पहले क्रिकेटर भी हैं MS Dhoni
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Dheeraj Sharma

•

Updated: 17 Aug 2020, 10:47 AM IST

Mahendra Singh Dhoni

महेंद्र सिंह धोनी

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ( Indian Cricket Team ) के सबसे सफल कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी ( Mahendra Singh Dhoni ) के इंटरनेशनल क्रिकेट ( International Cricket ) से रिटायरमेंट के ऐलान के बाद से ही उनके करोड़ों फैन्स भले ही निराश हों लेकिन कैप्टन कूल ( Captain Cool ) की क्रिकेट की कामयाब पारी अब हर फैन के जहन में ताजा है। फिर वो चाहे उनका हैलिकॉप्टर शॉट हो या फिर उनकी कूल कप्तानी वाला अंदाज। एमस धोनी ( MS Dhoni ) की सधी हुई रणनीति ने भारतीय क्रिकेट को एक नई ऊंचाई पर लाकर खड़ा कर दिया। ICC के सभी फॉर्मेट में कैप्टन कूल ने टीम इंडिया को सर्वोच्च शिखर तक पहुंचाया।

दुनिया की हर दिग्गज टीम ने एमएस धोनी की सूझ बूझ और उनके संयम का लोहा माना। धोनी ना सिर्फ सफल कप्तान थे, बल्कि उन्हें एक अच्छा फिनिशर भी माना जाता था। यही वजह है कि जब भी भारतीय क्रिकेट का इतिहास लिखा जाएगा एमस धोनी ऐसे खिलाड़ी होंगे जो सुनहरे अक्षरों में अंकित होंगे। आईए जानते हैं एमएस धोनी से जुड़ी 10 अहम बातें।

मानसून को लेकर मौसम विभाग ने जारी किया सबसे बड़ा अलर्ट, देश के इन राज्यों में अगले कुछ घंटों में होगी जोरदार बारिश

1. ICC की तीनों ट्रॉफी पर कब्जाः एम एस धोनी इकलौते ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने आईसीसी ( ICC ) की तीनों बड़ी ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने 2007 में आईसीसी का वर्ल्ड-टी20 ( T20 World Cup ) खिताब जीता, वहीं 2011 में क्रिकेट वर्ल्ड कप पर कब्जा जमाया और 2013 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी भी टीम इंडिया ने अपने नाम की।

2. फुटबॉल पहली पसंदः स्पोर्ट्स में एमएस धोनी की पहली पसंद क्रिकेट नहीं बल्कि फुटबॉल थी। धोनी के फुटबॉल प्रेम का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि वह इंडियन सुपर लीग ( ISL ) चेन्नै एफसी टीम के मालिक हैं।

3. घरेलू क्रिकेट में डेब्यूः धोनी को साल 1999-2000 में रणजी ट्रॉफी में बिहार की टीम के लिए डेब्यू करने का मौका मिला. 18 साल की उम्र में ही उन्होंने अपने डेब्यू मैच में शानदार 68 रनों की पारी खेली. इस सीज़न में उन्होंने 5 मैचों में 283 रन बनाकर सबको प्रभावित भी किया

4. बाइक और रेसिंग का शौकः भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी के बाइक और रेसिंग का काफी शौक है। मोटर रेसिंग में उन्होंने माही रेसिंग टीम के नाम से एक टीम भी खरीदी है। यही नहीं बाइक के शौकीन धोनी के पास अलग-अलग मॉडल की दो दर्जन से ज्यादा बाइक भी हैं।

5. रनों के राजाः भारत के लिए कुल 350 वनडे मैचों में 10773 रन बनाए हैं, जबकि टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 4876 रन हैं। वहीं टी20 के किंग के रूप में पहचाने जाने वाले धोनी ने इस फॉर्मेट में 1617 रन बनाए हैं। पहली बार धोनी को साल 2007 में टी20 टीम की कप्तानी सौंपी गई।

अब थानें लगाएं फोन तो पहुंच जाएंगे आपके पास डॉक्टर, जानिए क्या है पूरा मामला

6. 15 हजार की फीट से छलांगः महेंद्र सिंह धोनी साल 2015 में भारतीय सेना के पैरा रेजिमेंट से पैरा जंप लगाने वाले पहले स्पोर्ट्स पर्सन बने। उन्होंने पैरा ट्रूपर ट्रेनिंग स्कूल से ट्रेनिंग लेने के बाद करीब 15000 फीट की ऊंचाई से पांच छलांगें लगाई थीं, जिनमें एक छलांग रात में लगाई गई थी।

7. सचिन तेंदुलकर ने बताया धोनी की बल्लेबाजी का राजः भारत की ओर से 200 टेस्ट मैच खेलने वाले सचिन तेंदुलकर ने पहली मुलाकात में ही धोनी की काबलीयत को पहचान लिया था। सचिन ने कहा था- धोनी ने उस मैच में दो बाउंड्री मारी थी और मैंने सौरव से कहा कि दादा इसका बॉटम हैंड थोड़ा अलग है जिसकी मदद से यह गेदों को हिट करता है। यह देखने में बहुत विशेष है।

8. रेलवे में बने टिकट कलेक्टरः एमएस धोनी को बतौर क्रिकेटर पहली नौकरी भारतीय रेलवे में टिकट कलेक्टर के तौर पर मिली. इसके बाद वे एयर इंडिया की नौकरी करने लगे।

9. टेस्ट क्रिकेट से ली बिदाईः 2014 में ऑस्ट्रेलिया में भारतीय टीम की हार के बाद महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा था। 2016 में विराट कोहली को भारतीय एक दिवसीय टीम का कप्तान बनाया गया था।

10. T20 में सबसे सफल कप्तानः टी20 क्रिकेट में तो धोनी के सामने दूर-दूर तक कोई खिलाड़ी नहीं दिखता। उन्होंने कुल 72 मैचों में कप्तानी की है, जिसमें भारत ने 41 मैचों में जीत दर्ज की है। जो कि विश्व क्रिकेट में सबसे सफल भी है।