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घाटी में तैनात सुरक्षाबलों को लेकर सरकार गंभीर: जितेंद्र सिंह

केंद्र की ओर से ऐसा कोई फैसला नहीं लिया जाएगा, जिसका असर घाटी में तैनात सुरक्षाबलों के मनोबल पर पड़े।
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Chandra Prakash Chourasia

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Jun 11, 2018

Jitendra Singh

घाटी में तैनात सुरक्षाबलों को लेकर सरकार गंभीर: जितेंद्र सिंह

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में सीजफायर को लेकर चल रही चर्चा के बीच केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह का बड़ा बयान आया है। पीएमओ में पत्रकारों से बात करते हुए सिंह ने कहा कि भारत सरकार जवानों को लेकर बेहद गंभीर है। केंद्र की ओर से ऐसा कोई फैसला नहीं लिया जाएगा, जिसका असर घाटी में तैनात सुरक्षाबलों के मनोबल पर पड़े।

हमारी प्राथमिकता सूची में जवान

जितेंद्र सिंह ने सुरक्षा बलों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने और रमजान में आतंकियों को खिलाफ सेना के ऑपरेशन रोकने संबंधी सवालों के जवाब दे रहे थे। सिंह ने कहा मोदी सरकार को सुरक्षाबलों की चिंता हैं। हमारी प्राथमिकताओं में जवानों को सर्वश्रेष्ठ वरीयता दी जा रही है।

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रोहिंग्या के मददगारों पर सरकार सख्त

अवैध रूप से बसे रोहिंग्या को आधार नंबर और वोटर कार्ड मुहैया कराए जाने पर भी जितेंद्र सिंह ने बयान दिया। सिंह ने कहा जो लोग ऐसा करते पाए जा रहे हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है। उन्होंने का कि रोहिंग्या की वजह से देश में कई तरह की समस्याएं खड़ी हुई हैं। उन्होंने कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस पर हमला बोलते हुए कहा कि रोहिंग्याओं को रहने की आजादी किन सरकारों ने दिया ये बात हर किसी को पता है।

पत्थरबाजों से मुकदमा वापस लेगी सरकार

इससे पहले अपने कश्मीर दौरे के वक्त गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बच्चे गलतियां कर सकते हैं, इसीलिए सरकार ने उन युवाओं के खिलाफ मुकदमे वापस लेने का फैसला किया है जिन्हें सुरक्षा कर्मियों पर पत्थर फेंकने के लिए गुमराह किया गया था। राजनाथ ने कहा कि केंद्र सरकार जम्मू एवं कश्मीर के युवाओं के भविष्य को लेकर चिंतित है। पिछले साल सरकार के पत्थरबाजी करने वाले 6,000 से अधिक युवाओं के खिलाफ मुकदमे वापस लेने के फैसले का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि हर जगह के बच्चे एक समान होते हैं। हम समझते हैं कि कुछ युवाओं को पत्थरबाजी करने के लिए गुमराह किया गया था।