
हिमचाल प्रदेश के जंगलों में फैली भीषण आग, अबतक लाखों की संपदा नष्ट, पशु-पक्षियों के जीवन पर मंडराया संकट
नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश की जंगलों में फैली आग ने अब विकराल रुप धारण कर लिया है। जैसे-जैसे सूरज का पारा चढता जा रहा है और तापमान बढ रहा है वैसे-वैसे जंगल में लगी आग भी दहक रहे हैं। जंगल में लगी यह आग प्रदेश में गर्मी को बढ़ाने में आग में घी डालने का काम कर रही है।
जानवरों के हमले का डर बढ़ा
बता दें कि जहां एक और जंगल में लगी आग से बहुमूल्य संपदा जलकर नष्ट हो रही है वहीं दूसरी और पशु-पक्षी और जंगलों में रहने वाले जानवरो के जीवन पर संकट मंडराने लगा है। आग की तपीस से बचने के लिए एक मादा तेंदुआ और उसके शावक रिहायशी क्षेत्रों में घुस गए हैं। अब लोगों को दोहरी मार सता रहा है। एक तरफ जंगल की आग ने मुश्किल पैदा कर दी है तो दूसरी ओर जंगल के जानवरों का हमले का डर बढ़ गया है। बता दें कि जहां एक ओर ऊना में रामगढ़ धार के तहत ध्यूंसर मंदिर तलमेहड़ा के साथ लगते सकारू जंगल में भीषण आग लगी है वहीं दूसरी ओर जिला कुल्लू में बंजर उपमंडल में चीड़ के जंगलों में आग लगी हुई है। चैहणी बीट के देहुरी व होरनगार्ड के चीड़ के जंगल में भी आग लगी है। गौरतलब है कि ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में आने वाले कलवारी बीट में स्थानीय लोगों की मदद से आग को बुझाई गई है।
लाखों की संपदा नष्ट
आपको बता दें कि इस अग्निकांड में अब लाखों रुपए की संपदा नष्ट हो चुकी है। बताया जा रहा है कि जिला हमीरपुर में फायर सीजन के दौरान 26 जंगल भीषण आग की चपेट में आकर नष्ट हो गए। इसमें कुल 140.7 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई है। इस अग्निकांड के कारण विभाग को अनुमानित 2.25 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। मंडी जिला के अंतर्गत बंदेहज के घट्टा वन में 2 से 3 हेक्टेयर जंगल जलकर खाक हो गया। वहीं चंबा में लगातार आग फैलती जा रही है। बताया जा रहा है कि जिला सोलन के जंगलों में भी आग लगी है और यह धीरे-धीरे फैलती जा रही है। मंगलवार को कोटला नाला में लगी आग को बुझाने के लिए वन विभाग की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद ली।
Published on:
24 May 2018, 9:02 AM IST
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