
प बंगाल समेत उत्तर भारत में बारिश से तबाही, अब तक 12 की मौत, उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट
नई दिल्ली। भीषण गर्मी के बाद उत्तर भारत में मानसून ने दस्तक तो दे दी, लेकिन दस्तक के साथ ही कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात भी बन गए। पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदल गया। कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई और आंधी चली, जिसके चलते जहां एक ओर तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, तो वहीं दूसरी ओर लोगों की दिक्कतें भी बढ़ गईं।
बंगाल में 9 की मौत
प बंगाल में भी शुक्रवार को मौसम में आए बदलाव के चलते कई इलाकों में मूसलाधार बारिश और आंधी चली। यहां के कई जिलों में बिजली गिरने और बारिश के चलते दीवार ढहने की घटनाओं में 9 लोगों के मारे जाने की खबर है। वहीं करीब 12 लोग घायल हुए हैं। पश्चिम बंगाल आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक बिजली गिरने से हुगली जिले में चार और बीरभूम जिले में एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं पूरब बर्धमान जिले के कटवा और मंगलकोट में दीवार गिरने से दो लोगों की मौत की खबर है। बिजली गिरने से हावड़ा में एक और दक्षिण 24 परगना जिले में एक शख्स की भी मौत हो गई।
राजधानी में भी चली आंधी से एक की मौत
देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर में शुक्रवार को दिनभर धूप खिली रही। चिलचिलाती धूप की वजह से गर्मी का असर अच्छा खासा रहा। शाम 6 बजे मौसम ने अचानक पलटी मारी और आसमान बादलों से घिरा। शाम 7 से 8 के बीच चली धूल भरी आंधी ने लोगों को काफी परेशान किया। दिल्ली के अलीपुर में एक बिजली का खंभा गिर जाने से एक बाइक सवार की मौत भी हो गई। हालांकि तापमान में कमी आने से लोगों ने राहत की सांस ली।
हिमाचल-उत्तराखंड और यूपी में मौमस बना मुसीबत
मैदान से पहाड़ तक मौसम लोगों के लिए एक बार फिर मुसीबत बना। उत्तराखंड में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है, वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी आंधी तूफान और बारिश ने लोगों की आफत बढ़ाई। राजधानी लखनऊ से लेकर मेरठ, सहारनपुर और रामपुर में आंधी-तूफान का कहर देखने को मिला। मुजफ्फरनगर में आंधी-तूफान से एक शख्स की मौत हो गई। शुक्रवार देर शाम अचानक आए आंधी तूफान के चलते सड़कों पर जगह-जगह लगे होर्डिंग्स टूटकर गिर पड़े. वहीं, उत्तराखंड में मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
नए मॉडल से मौसम का सटीक पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने पूर्वानुमान का एक नया मॉडल तैयार किया है, जो यूरोप के बाद सर्वश्रेष्ठ मॉडल है। इससे खराब मौसम का ज्यादा सटीक पूर्वानुमान मिल सकेगा तथा प्रशासन को तैयारी के लिए ज्यादा समय मिलेगा। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम. राजीवन ने शुक्रवार को 'इंसेम्बल प्रेडिक्शन सिस्टम' नामक इस मॉडल को कमीशन करते हुए बताया कि अब तक मौसम विभाग 23 किलोमीटर के रिजॉल्यूशन के साथ मौसम की भविष्यवाणी करता था, जबकि नए मॉडल के साथ 12 किलोमीटर रिजॉल्यूशन के साथ पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा।
Published on:
2 Jun 2018, 9:09 AM IST
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