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India-China Tension: रिपोर्ट में दावा, China को जवाब देने के लिए सेना को छूट, बातचीत से नहीं मान रहा Dragon

India-China Tensions: बातचीत से नहीं मान रहा है चीन- Report 'China को माकूल जवाब देने के लिए सेना को मिली छूट' India-China बॉर्डर पर काफी संख्या में सैनिकों की तैनाती
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Kaushlendra Pathak

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Updated: 27 Jun 2020, 10:01 AM IST

India-China Tensions: indian army given free hand for sole issue

भारत-चीन के बीच विवाद कम होते हुए नजर नहीं आ रहा है।

नई दिल्ली। भारत-चीन ( India-China Face Off ) के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। लद्दाख ( Ladakh ) के गलवान घाटी ( Galwan Valley ) में हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तल्खी और बढ़ गई है। हालांकि, दोनों देशों के बीच सैन्य और राजनयिक स्तर पर लगातार बातचीत जारी है, लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकला है। आलम ये है मामला बिगड़ता ही जा रहा है। इसी बीच खबर ये आ रही है कि इस मुद्दे को अब सुलझाने की जिम्मेदारी सेना ( Indian Army ) को दे गई है।

'सेना को मिली जिम्मेदारी'

एक मीडिया हाउस के मुताबिक, भारत और चीन (India-China Tension) के बीच कोई ठोस हल नहीं निकल रहा है। लिहाजा, अब सेना से कहा गया है कि वह अपने स्तर से इस मसले को सुझाएं। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार के एक अधिकारी का कहना है कि भारत-चीन के बीच सीमा पर जो हालात बने हैं, उससे निपटने के लिए सेना को पूरी छूट दे दी गई है। इतना ही नहीं हथियार और साजो-समान को पहले ही सीमा पर तैनात कर दिया गया है। साथ ही बड़ी संख्या में सैनिकों को भारत-चीन के बॉर्डर ( India-China Border ) पर भेजा जा रहा है। इसके पीछे का मकसद है कि भारतीय सेना ( Indian Army ) चीन को अपने हिसाब से जवाब दे सके। दरअसल, सीमा पर कई इलाकों में चीन अपना दावा ठोक रहा है और जिद पर अड़ा है। हालांकि, भारत हर दावे को खारिज कर रहा है। लिहाजा, बातचीत से भी कोई हल नहीं निकल रहा है। दोनों देशों के बीच कई बार बातचीत भी हो चुकी है और अभी भी जारी है। लेकिन, कोई परिणान नहीं निकला।

India-China के बीच बढ़ी तल्खी

चीन के साथ लद्दाख ( Ladakh ) और बीजिंग ( Beijing) में कई दौर की बातचीत हो चुकी है। भारत का कहना है कि चीन पहले की स्थिति बरकरार रखे। क्योंकि, ऐसा नहीं करने से सीमावर्ती इलाकों में शांति कामय नहीं हो सकती है। हाल ही में सेना प्रमुख एमएम नरवणे ने लेह, लद्दाख का भी दौरा किया था और जमीनी हालात का जायजा लिया था। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना प्रमुख से मुलाकात की और इस मसले को लेकर पूरी जानकारी ली। साथ ही आगे की रणनीति पर दोनों के बीच चर्चा हुई। अब देखना ये है कि भारत-चीन के बीच जारी यह विवाद कब थमता है। यहां आपको बता दें कि गलवान घाटी में भारतीय-चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। वहीं, 30 सैनिकों के मारे जाने की भी खबर है। इस हिंसका झड़प के बाद दोनों देशों के बीच मामला काफी बिगड़ गया है।