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JNU में नकाबपोश गुंडों का कहर, 28 छात्र-छात्राएं घायल, फ्लैग मार्च

JNU में एक बार फिर भड़की हिंसा छात्रों के दो गुटों में हिंसक झड़प रजिस्ट्रेशन के मुद्दे पर छा़त्रों के दो गुटों में हुई भिड़ंत
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नई दिल्ली

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Dhirendra Kumar Mishra

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Updated: 6 Jan 2020, 11:54 AM IST

JNU

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नर्इ दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ( जेएनयू ) कैंपस में रविवार देर शाम को नकाबधारी गुंडों के कहर से हिल उठा। हाथों में डंडे, रॉड लेकर घुसे नकाबपोश बदमाशों ने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों पर जानलेवा हमला कर दिया। नकाबपोश गुंडों के हमले में 20 स्टूडेंट और शिक्षक गंभीर रूप् से घायल हो गए। घायलों का एम्स व पास के अस्पतालों में उपचार चल रहा है।

अराजक हालात को संभालने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने दिल्ली पुलिस की मदद ली । विश्वविद्यालय प्रशासन के आग्रह पर दिल्ली पुलिस ने कैंपस में प्रवेश किया और देर रात फ्लैगमार्च किया।

दरअसल, जेएनयू परिसर में रविवार की शाम कुछ नकाबपोश गुंडे घुस गए थे। वे हाथ में डंडे और लोहे की रॉड लिए हुए थे। उन्होंने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की बेरहमी से पिटाई कर दी। पिटाई से जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष सहित दो पदाधिकारी घायल हो गए। आइशी की सर पर डंडे से हमला किया गया। हमले के बाद लहूलुहान आइशी की तस्वीरें सोशल मीडिया में छा गईं। दो घंटे तक यूनिवर्सिटी में अफरा-तफरी का आलम रहा। हिंसा को लेकर वामपंथी छात्र संगठनों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने एक दूसरे पर आरोप लगाया है।

रजिस्ट्रेशन के मुद`दे पर बवाल

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन की आेर से देर रात जारी बयान में कहा गया है कि सेमेस्टर रजिस्ट्रेशन के मुद`दे पर छात्रों के दो गुटों के बीच भिडंत हुई। इसी बीच नकाबधारी गुंडे हाथ में डंडे और रॉड लेकर हॉस्टल में घुस गए और छात्रों को पीटने लगे।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने हिंसा की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि विश्वविद्यालय कैंपस में अराजकता किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस बावत जेएनयू प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। गृह मंत्री अमित शाह ने भी दिल्ली पुलिस के चीफ अमूल्य पटनायक से बात की है और पूरे घटनाक्रम की पिरोर्ट मांगी है।

कैंपस में दिल्ली पुलिस का फ`लैग मार्च

जेएनयू प्रशासन की आेर से सहायता की मांग करने पर दिल्ली पुलिस की टीम कैंपस पहुंची और स्थित को नियंत्रित करने के लिए फ`लैग मार्च किया। हालांकि दिल्ली पुलिस ने इस बावत अबतक किसी की गिरफ्तारी की बात नहीं की है। जेएनयू के प्रेवश द्वार को बंद कर दिया गया था और बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई थी। जब पुलिस यूनिवर्सिटी में फ्लैगमार्च कर रही थी तो कुछ लोग दिल्ली पुलिस गो बैक के नारे लगा रहे थे।