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Kargil war stories: शहीद मंगेज सिंह, जिन्होंने कारगिल युद्ध में गोली खाकर भी हार नही मानी

शहीद मंगेज सिंह कारगिल युद्ध में बहादुरी दिखाते हुए शहीद हुए थे
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Sunil Sharma

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Updated: 29 Jul 2017, 12:48 PM IST

shahid mangez singh

shahid mangez singh

नई दिल्ली। शहीद मंगेज सिंह कारगिल युद्ध में बहादुरी दिखाते हुए शहीद हुए थे। शहीद मंगेज सिंह को उनके अदम्य साहस और वीरता के लिए वीर चक्र दिया गया। संतोष ने बताया कि केंद्र, राज्य सरकार व सेना की ओर से जो-जो घोषणा की थी, सभी पूरी कर दी गईं। पति के कहे शब्द ही आज जीवन जीने का हौसला देते हैं। अब खुद को अध्यात्म से जोड़ लिया है। शाकाहार व गोरक्षा का प्रचार प्रसार भी कर रही हैं।

हमेशा कहते थे, मैं देश के लिए पैदा हुआ हूं
वो हमेशा सैनिक की वर्दी पहनकर एक ही बात कहते थे, मैं देश के लिए पैदा हुआ हूं और उसी के लिए मरूंगा। आप देश के सिपाही की पत्नी हो, मेरे बाद वीरांगना की तरह व्यवहार करना। यह कहना है झोटवाड़ा निवासी वीर चक्र प्राप्त करगिल शहीद मंगेज सिंह की पत्नी संतोष कंवर का। मंगेज सिंह 8 राजपूताना राइफल में तैनात थे।



पाक घुसपैठिओं को मार गिराया था

करगिल युद्ध से पहले उनकी यूनिट सियाचिन ग्लेशियर से उतर बेस कैंप आ गई। तभी सूचना आई कि एलओसी के करीब तूर्तक सैक्टर में पाक घुसपैठिए पहाड़ी पर बंकर बना रहे हैं। उनकी यूनिट को पेट्रोलिंग के आदेश दिए। मुश्किल हालात में भी 7 पाक सैनिकों को उन्होंने मौत के घाट उतार दिया। पहाड़ी पर चढ़ते समय पाक सैनिकों की गोली का शिकार हो गए।

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