
बाढ़ से तबाह केरल सरकार का ऐलान, राज्य में एक साल तक नहीं होगा कोई उत्सव
नई दिल्ली। केरल में आई सदी की सबसे भयानक बाढ़ ने पूरा देश को झकझोर कर रख दिया। देश के हर राज्य ने केरल को फिर से खड़ा करने की मुहिम छेड़ रही है। हर ओर से मदद की जा रही है। इसी बीच केरल सरकार ने कहा कि वह एक साल तक ऐसा कोई समारोह आयोजित नहीं करेगी जिसमें अधिक राशि खर्च होती हो। इसके बजाए उस राशि को बाढ़ राहत के लिए प्रयोग किया जाएगा।
केरल अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव भी रद्द
सरकार की ओर से रद्द किए गए आयोजनों में बहु-प्रशंसित केरल अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव शामिल है, जिसे प्रत्येक दिसंबर में आयोजित किया जाता है। इसके अलावा राज्य स्कूल युवा महोत्सवों को भी रद्द कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि केरल में आई सदी की सबसे विनाशकारी बाढ़ से राज्य को करीब 30 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
सरकार नहीं आयोजित करेगी कोई त्योहार
एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि कोई भी सरकारी विभाग एक साल के लिए कोई त्योहार आयोजित नहीं करेगा। रद्द किए गए सभी समारोह से संबंधित निधि को मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष (सीएमडीआरएफ) में जमा किया जाएगा। सोमवार तक इस फंड में 1,036 करोड़ रुपए जमा हुए। केरल के मंत्री जल्द ही लोगों से राशि जुटाने के लिए 14 देशों की यात्रा करेंगे।
आपदा में 483 लोगों ने गंवाई जान, शिविरों में 14.50 लाख लोग
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने 30 अगस्त को कहा कि बाढ़ आपदा में 483 लोगों ने अपनी जान गंवाई और बाढ़ से हुए नुकसान का अनुमान हमारे राज्य के वार्षिक परिव्यय से कहीं अधिक है। आपदा पर चर्चा के लिए बुलाए एक दिवसीय विशेष सत्र में बहस की शुरुआत करते हुए विजयन ने कहा कि 14 लोग अभी भी लापता हैं हालांकि बाढ़ का पानी राज्य के लगभग सभी हिस्सों में कम हो गया है। विजयन ने कहा कि बाढ़ की वजह से करीब 14.50 लाख लोग तीन हजार राहत शिविरों में रह रहे हैं। राज्य में आई बाढ़ को सदी की सबसे भीषण बाढ़ बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नए आंकड़ों के मुताबिक, अब 59,296 लोग 305 राहत शिविरों में रह रहे हैं। कुल 57 हजार हेक्टेयर कृषि फसलें बर्बाद हो गईं। नुकसान का अनुमान हमारे राज्य के वार्षिक परिव्यय से अधिक है।
Published on:
4 Sep 2018, 7:55 PM IST
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