
केरल में तबाहीः बाढ़ के बाद इस बड़ी बीमारी का मंडर रहा खतरा, अलर्ट जारी
कोच्ची। केरल अभी बाढ़ की त्रासदी से उबर भी नहीं पाया है कि उसके सामने एक नया खतरा मुंह बाहे खड़ा है। जी हां हजारों करोड़ का हुआ नुसान, सैकड़ों लोगों ने गंवाई जान और अब उससे बड़ा खतरा करने जा रहा है परेशान। दरअसल शुक्रवार से बारिश कम होने के चलते स्थिति में यह सुधार दिखा है। हालांकि अब रिलीफ कैंपों में ठहरे करीब 20 लाख लोगों के बीमारियों के शिकार होने का खतरा पैदा हो गया है। बीते 8 अगस्त से लगातार तेज बारिश के चलते सूबे में बीते एक सदी की सबसे खतरनाक बाढ़ आ गई है। करीब 10 दिनों में ही 186 लोग बाढ़ के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं।
सता रहा है महामारी का खतरा
बाढ़ की वजह से प्रभावित क्षेत्रों में जल भराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में किसी बड़ी बीमारी के फैलने की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा कई हजार लोगों को राहत कैम्पों में रखा गया है ऐसे में यहां भी बीमारियों के पैर पसारने की पूरी संभावना बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल बचाव टीमों का फोकस पम्पा नदी के किनारे बसे चेनगन्नूर कस्बे पर है, जहां 5,000 लोग फंसे हुए हैं।
केरल हेल्थ डिपार्टमेंट में डिजास्टर मैनेजमेंट का काम देखने वाले अनिल वासुदेवन ने कहा कि अथॉरिटीज ने ऐसे तीन लोगों को अलुवा के एक रिलीफ कैंप से अलग कर दिया है, जो चिकनपॉक्स के शिकार थे। हालांकि मौसम विभाग ने रविवार को कुछ ही इलाकों में भारी बारिश की आशंका जाहिर की है और तमाम इलाकों में बाढ़ के पानी का स्तर घटने लगा है। घरों और छतों पर फंसे लोगों को बचाने के लिए सेना, एनडीआरएफ समेत तमाम सरकारी एजेंसियां पूरी तरह से मुस्तैद हैं।
2 लाख लोग राहत कैम्पों में शरण ले चुके
स्वास्थ्य विभाग प्रदूषित जल और वायु से पैदा होने वाली बीमारियों के खतरे से निपटने की तैयारी कर रहा है। तीन महीने पहले शुरू हुई मॉनसून की बारिश के बाद से अब तक 2 लाख लोग रिलीफ कैंपों में शरण ले चुके हैं। फूड पैकेट्स समेत तमाम तरह की राहत भी लोगों तक पूरी तेजी के साथ पहुंचाई जा रही हैं।
Updated on:
19 Aug 2018, 3:06 PM IST
Published on:
19 Aug 2018, 2:48 PM IST
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