
कोलकाता: सामने आई अस्पताल की घोर लापरवाही, सर्जरी के दौरान मरीज को चढ़ाया गलत ग्रुप का ब्लड
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल से एक निजी अस्पताल की घोर लापरवाही सामने आई है। अस्पताल पर एक मरीज को सर्जरी के दौरान गलत ग्रुप का ब्लड चढ़ाने का आरोप लगा है। मरीज के परिजनों ने अस्पताल के खिलाफ कोलकाता के बिधान नगर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज करा दिया है। वहीं, अस्पताल की लापरवाही पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की गई है।
सर्जरी के दौरान चढ़ाया गया गलत खून
बता दें कि जिस मरीज को गलत खून चढ़ाया गया उसका नाम बैशाखी साहा है। उन्हें पेट में दर्द की शिकायत के बाद कोलकाता के कोलंबा एशिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने परिवार वालों से कहा कि बैशाखी की सर्जरी करनी होगी। फिर 5 जून को उनकी सर्जरी की गई, लेकिन सर्जरी के दौरान उन्हें गलत ग्रुप का ब्लड चढ़ा दिया गया। गलत खून चढ़ाने की वजह से अब उनकी सांसे जिंदगी और मौत के बीच झूल रही हैं।
गलत खून चढ़ाने की वजह से कई अंग खराब
परिवार वालों के मुताबिक, मरीज का ब्लड ग्रुप A+ है, लेकिन उन्हें AB+ ग्रुप चढ़ाया गया है। गलत खून चढ़ाने की वजह से उनके कई अंग खराब हो गए हैं। वहीं, बैशाखी के पति अभिजीत साहा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी चिट्ठी लिखकर अस्पताल प्रशासन की करतूत बताई और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में कराया गया भर्ती
बैशाखी के पति ने बताया, 'मैंने अपनी पत्नी को पेट दर्द की शिकायत के बाद कोलंबा एशिया अस्पताल में 5 जून को भर्ती कराया था। सर्जरी के दौरान उसे गलत खून चढ़ा दिया गया, जिसकी वजह से उसके फेफड़े और किडनी खराब हो गए हैं। वहीं, अब अस्पताल प्रशासन उसे धमका रहा है कि अगर उसने बिल नहीं चुकाया तो वे इलाज बंद कर देंगे। मरीज के पति ने बताया कि उसने इलाज के लिए पहले ही 2.5 लाख रुपए अस्पताल को दिए हैं।
मेडिकल टीम बनाकर होगी मामले की पूरी जांच
वहीं, दूसरी तरफ अस्पताल के मेडिकल और प्रशासनिक अध्यक्ष तीर्थांकर बाग्ची ने बताया कि मरीज की हालत में सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि अस्पताल के बेंगलुरु हेड ऑफिस ने एक टीम बनाई है। यह टीम इस बात की जांच करेगी कि क्या बैशाखी को गलत खून चढ़ाया गया था या नहीं। वहीं, मरीज के घरवालों से मांगे गए बिल के पैसे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि किसी ने साहा को फोन करके बिल के बारे कहा होगा, लेकिन अस्पताल ने उन पर कोई जोर नहीं डाला है। अब जांच के बात सारी बातें साफ हो पाएंगी।
Published on:
13 Jun 2018, 5:21 PM IST
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