
Madras High court
चेन्नई: मद्रास हाईकोर्ट देश में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में अव्वल है। जी हां, मद्रास हाईकोर्ट ने महिला जजों की संख्या के मामले में रिकॉर्ड बना लिया है। दरअसल, मद्रास हाई कोर्ट में देश की सभी अदालतों के मुकाबले में सबसे ज्यादा महिला जजों की नियुक्ति की गई है। इस लिस्ट में दिल्ली हाईकोर्ट दूसरे नंबर पर है। मद्रास हाईकोर्ट में 11 महिला जजों की नियुक्ति की गई है तो वहीं दिल्ली हाईकोर्ट में ये संख्या 10 है। ऐसा पहली बार हुआ है जब कोर्ट में महिला जजों की संख्या डबल डिजिट को क्रॉस कर गई है।
शुक्रवार को इन जजों को मिली नियुक्ति
मद्रास हाईकोर्ट ने ये रिकॉर्ड उस वक्त बनाया जब शुक्रवार को 6 महिला अडिशनल जजों को नियुक्त किया गया। शुक्रवार को जिन जजों को मुख्य न्यायाधीश इंदिरा बनर्जी द्वारा शपथ दिलाई गई, जिसमें न्यायाधीश एस रामातिलगम, न्यायधीश आर तरनी, न्याधीश टी कृष्णवल्ली और न्यायाधीश आर हेमलता को शामिल किया गया। इसी के साथ मद्रास हाईकोर्ट देश में सबसे ज्यादा महिला जजों की संख्या वाली अदालत बन गई है।
नियुक्ति के औसत प्रतिशत में तेजी से इजाफा
आपको बता दें कि मद्रास हाईकोर्ट में 75 जजों की नियुक्त तक को मंजूरी मिली हुई है, लेकिन फिलाहल 60 जजों की ही नियुक्ति है। हाईकोर्ट की नियुुक्ति का औसत प्रतिशत 12.96 फीसदी से 18.33 फीसदी क्रॉस कर गई है। कहा ये जा रहा है भविष्य में जल्दी ही खाली पड़े 15 पदों पर भी जजों की नियुक्ति कर ली जाएगी। अगर ऐसा हो जाता है तो ये रिकॉर्ड शायद ऐसा हो जाएगा, जिसे देश की कोई अदालत तोड़ पाएगी।
अन्य अदालतों की स्थिति
मद्रास और दिल्ली हाईकोर्ट के अलावा आपको देश की अन्य हाईकोर्ट में महिला जजों की स्थिति बताते हैं। मद्रास हाईकोर्ट में 11 तो दिल्ली हाईकोर्ट में ये संख्या 10 है। वहीं मुंबई हाईकोर्ट में महिला जजों की नियुक्ति की हुई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में 6 महिला जजों को नियुक्ति की गई है, जबकि यहां 98 जजों की तैनाती है।
आपको बता दें कि तमिलनाडु में तकरीबन एक-तिहाई महिला जजों की नियुक्ति अधीनस्थ न्यायपालिका द्वारा की जाती क्योंकि राज्य में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू है।
Updated on:
2 Dec 2017, 3:34 PM IST
Published on:
2 Dec 2017, 3:30 PM IST
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