परिजनों ने साथ गए पुलिसकर्मियों पर उठाए सवाल
बहरहाल, अश्विनी का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा, तो परिजन आक्रोशित हो गए। उनके मुताबिक, अश्विनी की हत्या साजिश के तहत हुई है। अगर अश्विनी के साथ छापेमारी करने गए पुलिसकर्मी घटना के वक्त फायरिंग किए होते, तो उनकी इंस्पेक्टर की हत्या नहीं होती।