
देहरादून । दून के एक रेस्टोरेंट में शनिवार शाम उस वक्त तमाशा खड़ा हो गया, जब एक ग्राहक खाने के लिए परोसे गए चावल की गेंद बनाकर टेबल पर उछालने लगा। ग्राहक का आरोप था कि परोसे गए चावल प्लास्टिक के नकली चावल हैं। वास्तव में हाथ से बनाया चावल का गोला जिस तरह से टेबिल से टकरा कर उछल रहा था, लोग यह कहने को मजबूर हो गए कि यह चावल तो नहीं हो सकता।
लोगों ने किया हंगामा
रेलवे स्टेशन के पास एक रेस्टोरेंट में जब इस तरह से मामला सामने आया तो किसी ने इसका वीडियो बनाकर भी वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद वहां खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने जाकर सैंपल भरे। इसमें दिखाया गया है कि किस तरह से चावल बॉल बनने के बाद उछल रहा है। वीडियों में साफ दिखाया गया है कि ग्राहक ने मु्टठीभर चावल उठाए और उसका गोला बनाया। इसके बाद जैसे ही उसे मेज पर पटका तो वह गेंद की तरह उछलने लगा।वहां मौजूद ग्राहकों ने भी अपना खाना छोड़ दिया और वीडियो बनाने लगे। इसके बाद वहां जब रेस्टोरेंट संचालक पहुंचे तो लोगों ने जमकर खरी-खोटी सुनाई। डीएम एसए मुरूगेशन ने इस मामले में जांच के निर्देश दिए हैं।
प्लास्टिक चावल पानी में नहीं तैरता
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. नितिन यादव का कहना है कि भिगोते वक्त ध्यान रखें, प्लास्टिक चावल पानी में नहीं तैरता क्योंकि यह सौ फीसद प्लास्टिक नहीं होता, इसमें आलू और शकरकंद भी मिला होता है। जबकि कुछ असली चावल पानी में तैरते हैं। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. प्रवीन पंवार का कहना है कि प्लास्टिक का चावल शरीर हजम नहीं कर पाता, यह चावल व्यक्ति की आंतों में जम जाता है। इससे आंतों की सूजन, रुकावट व इंफेक्शन होने का खतरा बन जाता है। साथ ही, नियमित रूप से इस चावल के इस्तेमाल से कैंसर होने का भी खतरा बन जाता है।
Published on:
29 Oct 2017, 5:12 PM IST
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