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मधुबनी। बिहार से चोरों ने बेशकीमती मूर्तियों पर हाथ साफ कर दिया। घटना मंगलवार रात की है। खबरों के मुताबिक, मधुबनी जिले के खिरहर थाना क्षेत्र के एक प्राचीन मंदिर से अष्टधातु की नौ बेशकीमती प्राचीन मूर्तियां चोरी हो गईं।
मंदिर की स्थिति ठीक नहीं है
पुलिस के अनुसार, भाला बैंगरा गांव स्थित रामजानकी मठ में रात चोरों ने धावा बोल दिया और वहां सिंहासन पर रखी नौ मूर्तियों को चोरी कर के रफूचक्कर हो गए। खिरहर के थाना प्रभारी शैलेश कुमार झा ने बुधवार को बताया कि रात मंदिर के महंथ शत्रुघ्न दास के पुत्र नंदन कुमार द्विवेदी अन्य दिनों की तरह भगवान को भोग लगाकर मंदिर का दरवाजा बंद कर वापस अपने घर लौट गए थे। सुबह जब वे पूजापाठ के लिए मंदिर पहुंचे तो वहां से नौ मूर्तियां गायब मिली। इसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई। उन्होंने बताया कि मंदिर की स्थिति काफी जर्जर है। मंदिर के पुजारी नंदन के बयान पर खिरहर थाना में चोरी की एक प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। बताया जा रहा है कि चोरी गई मूर्तियों में भगवान राम, जानकी, लक्ष्मण, नरसिंह, लड्डू गोपाल, हनुमान व भगवान विष्णु सहित कई मूर्तियां शामिल हैं। चोरी हुई अष्टधातु की मूर्तियों को बरामदगी के लिए पुलिस जगह-जगह छापेमारी कर रही है। पूरे मामले की छानबीन की जा रही है।
दुर्लभ चीजों पर हाथ साफ करते है चोर
देश के कोई ना कोई हिस्से से ऐसी खबरें आती है जिसमें दुर्लभ चीजों की चोरी हो जाती हैं। हाल ही में हैदराबाद के निजाम का सोने का टिफिन और चाय का कप चोरी हो गया था। हालांकि कुछ दिन बाद पुलिस की टास्क फोर्स ने चोरी की बेशकीमती सामनों को मुंबई से बरामद किया था।
कभी नहीं हुई राष्ट्रीय गणना
वर्ष 2011 में यूनेस्को ने अनुमान लगाया था कि 1989 तक भारत से लगभग 50,000 कलाकृतियां चोरी हुईं। बाद के दशकों में यह संख्या दोगुनी से तीन गुनी तक बढ़ गयी परंतु हमारे देश में इसकी कोई राष्ट्रीय गणना कभी नहीं हुई। यूनेस्को का कहना है कि सांस्कृतिक विरासत की तस्करी अब दुनिया में ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के बाद तीसरा सबसे बड़ा अपराध हो गयी है। ऐसा ही इन्टरपोल के महासचिव ने हाल ही में इस समस्या पर विचार करने के लिए बुलाई बैठक में कहा था।
Published on:
19 Sept 2018 02:57 pm
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