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तमिल सरकार को पसंद नहीं सुप्रीम कोर्ट का आदेश, पूछा- सुबह कर लें आतिशबाजी

सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली पर रात आठ से 10 बजे तक ही पटाखे जलाने का आदेश दिया है लेकिन तमिलनाडु सरकार को यह समय पसंद नहीं है।
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Chandra Prakash Chourasia

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Updated: 29 Oct 2018, 10:43 PM IST

Suprem court

तमिल सरकार को पसंद नहीं सुप्रीम कोर्ट का आदेश, पूछा- सुबह कर लें आतिशबाजी

नई दिल्ली:दिवाली पर रात आठ से रात 10 बजे तक पटाखे जलाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हर किसी की अपनी अलग राय है। कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं, तो कुछ इसे पर्यावरण के लिहाज से सही बता रहे हैं। इसी बीच तमिलनाडु सरकार ने कोर्ट से दिवाली पर तड़के 4.30 बजे से 6.30 बजे तक आतिशबाजी करने की इजाजत मांगी है।

तड़के 4.30 बजे से 6.30 बजे तक आतिशबाजी की मांगी इजाजत

सोमवार को तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि उसके राज्य में दिवाली पर तड़के 4.30 बजे से 6.30 बजे तक आतिशबाजी करने दी जाए क्योंकि राज्य में दीवाली सुबह मनाई जाती है। राज्य सरकार ने कहा कि तड़के 4.30 से 6.30 बजे तक और रात आठ बजे से 10 बजे तक आतिशबाजी चलाने की अनुमति देने से तमिल लोगों (सुबह) तथा राज्य में रहने वाले देश के अन्य भाग के लोगों को (रात में) दिवाली मनाने की सुविधा मिल जाएगी।

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तमिलनाडु सरकार ने बताई ये वजह

राज्य सरकार ने अपनी याचिका में कहा कि दिवाली के दिन यहां लोग तड़के चार बजे जाग जाते हैं, फिर तेल से नहाते हैं, नए कपड़े पहनते हैं और आतिशबाजी चलाते हुए त्यौहार मनाते हैं। प्रदेश सरकार ने अनुच्छेद 25 का उल्लेख करते हुए तर्क दिया कि दीवाली अनंत काल से हिंदुओं के लिए एक धार्मिक क्रियाकलाप है और यह अनुच्छेद 25 के अंतर्गत वैध है। अनुच्छेद 25 के अंतर्गत धार्मिक रीति-रिवाज निभाने की आजादी प्रदान की गई है। तमिलनाडु में इस वर्ष दिवाली छह नवंबर को तड़के मनाई जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने तय किया आतिशबाजी का समय

बता दें कि 23 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाने वाले पटाखों के उत्पादन एवं बिक्री की अनुमति दी, जिनसे कम उत्सर्जन हो। कोर्ट का कहना है कि दिवाली के दिन रात आठ से रात 10 बजे तक ही पटाखे जला सकते हैं। जस्टिस ए.के. सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ ने हरित नियमों पर खरा नहीं उतरने वाले पटाखों को जलाने पर प्रतिबंध लगाया है, जो पूरे साल लागू रहेगा। यह नियम नए साल के जश्न और शादी-समारोहों में भी लागू रहेगा। आदेश में कहा था कि क्रिसमस और नव वर्ष के मौके पर रात 11.55 बजे से 12.30 बजे तक आतिशबाजी की जा सकेगी।