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पेट के आर-पार हो गईं तीन सलाखें, पीडब्लूडी के इंजीनियरों की मदद से डॉक्टरों ने जान बचाई

करंट लगने के कारण छत से नीचे गिरा, कई अस्पतालों ने इलाज से मना किया
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Mohit Saxena

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Updated: 9 Aug 2018, 11:16 AM IST

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पेट के आर-पार हो गईं तीन सलाखें, पीडब्लूडी के इंजीनियरों की मदद से डॉक्टरों ने जान बचाई

कोलकाता। तीन सरिया पेट के आर-पार होने के बावजूद एक शख्स को डॉक्टरों ने बचा लिया है। उसे पेट में सरिया लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने पीडब्लूडी के इंजीनियरों की मदद से सरिए को बाहर निकाला। मरीज को अभी डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। गौरतलब है कि दक्षिण 24 परगना जिले के नारायणतल्ला इलाके में यह घटना घटित हुई है। बुधवार को वह निर्माणाधीन मकान की छत ढलाई के लिए बने फ्रेम में वह प्लास्टिक लगा रहा था। तभी कहीं से वहां बने रॉड के फ्रेम में अचानक करंट आने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करंट लगने से वह छत से नीचे गिर पड़ा और तीन लोहे की सरिया उसके आर-पार हो गईं। राजमिस्त्री की पहचान उदय सरदार के रूप में हुई है।

अंतड़ियों और किडनी के नजदीक से गुजरा था रॉड

इलाज के लिए राजमित्री कई अस्पताल में भटके,मगर कई ने इलाज करने से मना दिया। उनकी दयनीय हालत को देखकर डाक्टरों इस केस को दूसरे अस्पतालों में रेफर दिया। पहले उसे घुटियारी शरीफ अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टरों ने असमर्थता जताते हुए उसे बारुईपुर अस्पताल रेफर कर दिया। अंत में उसे कोलकाता के चितरंजन अस्पताल लाया गया। यहां पर अस्पताल में सात डॉक्टरों की एक मेडिकल टीम गठित की गई। पता चला कि तीन रॉड में से एक रॉड उसकी अंतडि़यों में जा के फंसा है। जबकि दूसरा लीवर के नीचे और तीसरे किडनी के बहुत नजदीक से गुजरा है। ऐसे में मरीज हालात समय के साथ खराब हो रही थी। मरीज के बहुत कम चांस से बचने के।

पीडब्लूडी के इंजीनियरों की मदद ली

इसके बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर सरिया बाहर निकालने का फैसला किया। सबसे पहले शरीर में घुसे सरिये के आकार को छोटा करने का फैसला लिया गया। इसके लिए डॉक्टरों ने पीडब्लूडी के इंजीनियरों की मदद ली। रॉड छोटा होने के बाद अंतत: डॉक्टरों ने सफलता पूर्वक उसे बाहर निकाल दिया। फिलहाल मरीज की हालत स्थिर है। उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।