
नई दिल्ली। लगभग 3000 करोड़ रुपए की लागत से बनी दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इसके उद्घाटन के समय ये देखा गया था कि बीजेपी ने इसका जोरशोर से प्रचार किया था। अब उस प्रचार में होने वाले कुल खर्च का खुलासा हुआ है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के उद्घाटन समारोह के प्रचार के लिए केंद्र सरकार ने 2.64 करोड़ रुपए खर्च किए थे। ये खर्च मीडिया में प्रचार के लिए किया गया था।
- एक आरटीआई के जवाब में ये खुलासा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, मुंबई के कार्यकर्ता जतिन देसाई ने इसको लेकर आरटीआई लगाई थी, जिसमें ये सामने आया है कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की इस प्रतिमा के उद्घाटन समारोह के प्रचार में ढाई करोड़ से ज्यादा रुपए खर्च किए गए थे।
पीएम मोदी ने किया था उद्घाटन
- आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2018 को सरदार वल्लभ भाई पटेल की 143वीं जयंती के मौके पर इस प्रतिमा का उद्घाटन किया था, जो अब विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है।
प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया पर हुआ था प्रचार
- सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के ब्यूरो ऑफ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन ने 9 जनवरी को एक आरटीआई के जवाब में कहा कि सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में कुल 2,62,48,463 रुपये और अन्य 1,68,415 रुपये प्रिंट मीडिया में विज्ञापनों पर खर्च किया।
आउटडोर की जानकारी मंत्रालय के पास नहीं
- इसके अलावा आउटडोर विज्ञापन की जानकारी ब्यूरो के पास उपलब्ध नहीं है। इस तरह की बड़ी राशि को विज्ञापन व भव्य समारोह पर खर्च किए जाने को सही नहीं ठहराया जा सकता, जब प्रतिमा के आसपास के लोग जनजातीय व गरीब हों।
182 मीटर ऊंची है 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी'
- गुजरात में वडोदरा से सौ किलोमीटर दक्षिण पूर्व में स्थित केवडिया के पास नर्मदा नदी के एक द्वीप पर सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची विशाल यह प्रतिमा स्थित है। इसे करीब 3,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है।
Published on:
16 Jan 2019, 7:04 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.