
नई दिल्ली। तीन दशक बाद ही सही, लोकसाभा और राज्यसभा से तीन तलाक बिल पास हो गया है। बहुत जल्द राष्ट्रपति भी इस बिल को अपनी मंजूरी दे देंगे। इस बिल पर राष्ट्रपति की ओर से मुहर लगते ही यह कानून प्रभावी हो जाएगा।
लेकिन इस बात की चर्चा अभी से जारी है कि तीन तलाक बिल के प्रावधानों का कानूनी रूप धारण करने के बाद इसका उल्लंघन करने पर क्या होगा।
पत्नी या परिजन करा पाएंगे मुकदमा दर्ज
तीन तलाक बिल 2019 (महिला अधिकार संरक्षण कानून) के प्रावधानों के मुताबिक एक समय में अपनी पत्नी को तलाक-तलाक-तलाक कहना अपराध होगा। ऐसा करने वाले को तीन साल तक कैद और आर्थिक दंड का भुगतान करना पड़ सकता है।
मौखिक, लिखित या किसी अन्य माध्यम से कोई पति अगर एक बार में अपनी पत्नी को तीन तलाक देता है तो वह अपराध की श्रेणी में आएगा।
तीन तलाक देने पर पत्नी स्वयं या उसके करीबी रिश्तेदार ही इस बारे में केस दर्ज करा सकेंगे। बता दें कि अभी तक मुकदमा दर्ज कराने का प्रावधान न होने से मुस्लिम महिलाएं झेलती आई हैं तलाक का दंश।
बिना वारंट गिरफ्तारी
महिला अधिकार संरक्षण कानून 2019 के मुताबिक एक समय में तीन तलाक देना अपराध होगा। इसीलिए पुलिस बिना वारंट के तीन तलाक देने वाले आरोपी पति को गिरफ्तार कर सकती है।
महिला का पक्ष सुने बगैर जमानत मुमकिन नहीं
मजिस्ट्रेट पीड़ित महिला का पक्ष सुने बगैर तीन तलाक देने वाले पति को जमानत नहीं दे पाएंगे। तीन तलाक देने पर पत्नी और बच्चे के भरण पोषण का खर्च मजिस्ट्रेट तय करेंगे, जो पति को देना होगा।
तीन तलाक पर बने कानून में छोटे बच्चों की निगरानी व रखावाली मां के पास रहेगी।
पति के चाहने पर समझौता संभव नहीं
तीन तलाक कानून के तहत समझौते के विकल्प को रखा गया है। लेकिन पत्नी के पहल पर ही समझौता हो सकता है, वो भी मजिस्ट्रेट के द्वारा उचित शर्तों के साथ। पति के पहल पर समझौता संभव नहीं होगा।
Updated on:
31 Jul 2019 11:50 am
Published on:
31 Jul 2019 11:46 am
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