
नई दिल्ली।
भव्य राममंदिर निर्माण के लिए सात अरब रुपए से अधिक जुटाए जाएंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता इसके लिए मकर संक्रांति (14 जनवरी) से घर-घर जाएंगे। संघ ने पूरे देश को 44 प्रांतों में बांटा है। सबसे अधिक धन संग्रह यूपी से करने की योजना है। निर्णय संघ की प्रयागराज में हुई बैठक में लिया गया। राममंदिर के लिए धन संग्रह के लिए आरएसएस, विहिप और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रणनीति बनाई है। मकर संक्रांति से फरवरी के अंत तक राशि जुटाई जाएगी।
ट्रस्ट का लक्ष्य उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक धन जुटाने का है। विहिप के केंद्रीय उपाध्यक्ष व राम मंदिर ट्रस्ट महासचिव चंपत राय की संघ प्रमुख मोहन भागवत व पदाधिकारियों की बैठक में अभियान को लेकर रणनीति तैयार की गई।
अयोध्या में ही होगा राम विवाह
कोरोना संक्रमण का असर इस साल राम विवाह पर भी पड़ा है। अयोध्या से नेपाल के जनकपुर राम बारात नहीं जाएगी। अयोध्या में ही राम-सीता का विवाह संपन्न होगा। 12 दिसंबर को राम बारात जानी थी। 19 दिस्बर को भगवान श्रीराम व माता सीता के विवाह महोत्सव का कार्यक्रम था। श्री राम बारात महोत्सव के आयोजक व विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज ने बताया कि भक्तों की आकांक्षा थी कि अयोध्या से जनकपुर के लिए राम बारात रवाना हो, लेकिन कोरोना के चलते बारात नहीं निकाली जा सकेगी। विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया कि कोरोना के साथ भारत व नेपाल सीमा पर तनाव को देखते हुए राम बारात स्थगित कर दी गई है।
Published on:
26 Nov 2020, 11:41 AM IST
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