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चंद्रयान-2: मिल सकती है बड़ी खुशखबरी, विक्रम लैंडर की तस्वीर मिलने का इंतजार

नासा टोही ऑर्बिटर गुजरेगा विक्रम की लैंडिंग साइट के ऊपर। 17 सितंबर की तुलना में इस बार साइट पर रोशनी ज्यादा बेहतर। नासा का दूसरा प्रयास बना है इसरो के लिए बड़ा अवसर।
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नई दिल्ली

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Amit Kumar Bajpai

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Updated: 15 Oct 2019, 8:34 AM IST

Vikram Landing site on moon (demo pic)

नई दिल्ली। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) के महात्वाकांक्षी चंद्रयान-2 मिशन को लेकर एक नया अपडेट आया है। आज Chandrayaan-2 के लैंडर विक्रम की लैंडिंग साइट की तस्वीर सामने आ सकती है। दरअसल, अमरीका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा का ऑर्बिटर आज चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की उस सतह के ठीक ऊपर फिर परिक्रमा करेगा, जहां पर विक्रम को लैंडिंग करनी थी। इसका मतलब है कि विक्रम लैंडर से जुड़ी बड़ी जानकारी आज सामने आ सकती है।

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दरअसल चंद्रमा की परिक्रमा करने वाला नासा का टोही ऑर्बिटर (LRO) सोमवार यानी 14 अक्टूबर को दूसरी बार चंद्रमा पर विक्रम की लैंडिंग साइट के ठीक ऊपर से गुजरेगा। इस दौरान यह ऑर्बिटर विक्रम लैंडर और लैंडिंग साइट की बेहतर तस्वीर खींचने की कोशिश करेगा।

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इससे पहले बीते 17 सितंबर को यह ऑर्बिटर इस जगह के ऊपर से गुजरा था। हालांकि उस दौरान यह ऑर्बिटर विक्रम लैंडिंग साइट की अच्छी तस्वीर खींच नहीं पाया था। इसकी वजह चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर शाम का वक्त था, जिसके चलते विक्रम की लैंडिंग साइट और लैंडर को सही ढंग से नहीं देखा जा सका।

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उस दौरान नासा ने इस बात का ईशारा किया था कि विक्रम संभवता चंद्रमा की सतह पर मौजूद लंबी छाया में कहीं छिप गया था।

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नासा ने उस दौरान यह भी कहा था कि LRO अब 14 अक्टूबर को चंद्रमा पर विक्रम की लैंडिंग साइट के ऊपर से गुजरेगा। नासा ने उम्मीद जताई थी कि इस बार चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर रोशनी ज्यादा बेहतर होगी, जिसके चलते चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर की तस्वीर ज्यादा स्पष्ट आने की संभावना है। जाहिर सी बात है कि विक्रम लैंडर की स्पष्ट तस्वीर इसके बारे में काफी अच्छे परिणाम देगी।

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गौरतलब है कि बीते 22 जुलाई को इसरो के महात्वाकांक्षी चंद्रयान-2 मिशन को लॉन्च किया गया था। इस चंद्रयान-2 के तीन हिस्से हैं, जो ऑर्बिटर, विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर हैं।

बीते 7 सितंबर को विक्रम लैंडर को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की सतह पर पहुंचना था, लेकिन लैंड करने से 2.1 किलोमीटर पहले ही इसका इसरो से संपर्क टूट गया।

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इसके दो दिन बाद चंद्रयान-2 ऑर्बिटर चंद्रमा की सतह पर विक्रम लैंडर की लोकेशन का सही पता लगा चुका है। इसके बाद इसरो फिर से लैंडर से संपर्क साधने की कोशिश में दिन-रात जुटा हुआ है।