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कोरोना के कहर में एक और मुसीबत, छह हफ्ते में आने वाला है अटलांटिक तूफान

Atlantic Hurricane : मौसम वैज्ञानिकों ने ग्राफ जारी करके तूफान के आने की चेतावनी दी है वक्त से पहले आ रहा है तूफान, भारी तबाही की आशंका
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Soma Roy

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Apr 22, 2020

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Atlantic Hurricane

नई दिल्ली। कोरनावायरस (Coronavirus) के बीच एक और संकट आने वाला है। अमेरिका की ओर तेजी से अटलांटिक तूफान (Hurricane) बढ़ रहा है। छह हफ्ते के अंदर तबाही मचाएगा। अमेरिकी विशेषज्ञों (American Experts) ने इसकी चेतावनी दी है। बताया जा रहा है कि ये दूसरा सबसे शक्तिशाली तूफान होगा। ये तूफान अपने निर्धारित समय से काफी पहले आ रहा हैं। पांच सालों में ऐसा कभी नहीं हुआ है। कोरोना के कहर से जहां पूरी दुनिया पहले से परेशान है। वहीं अब तूफान की चेतावनी ने सबके होश उड़ा दिए हैं। दावा किया जा रहा है कि इस ये तूफान भारी तबाही मचाएगा।

अमेरिकी वैज्ञानिकों ने एक ग्राफ शेयर किया है। जिसमें दिखाया कि कैसे एक तूफान समय से पहले आने पर भारी तबाही मचा सकता है। एनओएए के तूफान अनुसंधान डिपार्टमेंट के अनुसार अटलांटिक तूफान सामान्यत: 1 जून से 30 नवंबर तक चलता है, लेकिन इस बार ये 6 सप्ताह पहले आने वाला है। इसका स्वरूप पहले से ज्यादा घातक है। समुद्री तट के पास रहने वालों को नुकसान की आशंका सबसे अधिक है। वैज्ञानिकों ने बताया कि पिछले पांच सालों में कुछ अन्‍य छोटे तूफान जून से पहले आए थे।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार तूफान संयुक्त राज्य अमेरिका और अटलांटिक बेसिन के देशों को प्रभावित करते रहे हैं। बीते साल मई में एंड्रिया नामक तूफान बरमूडा के दक्षिण-पश्चिम के हिस्‍से में शुरु हुआ था। ये 24 घंटे तक चला था।

कैसे बनता है अटलांटिक तूफान
वैज्ञानिकों के अनुसार ये तूफान चक्रवात निम्न दबाव क्षेत्र में बनते हैं। गर्म और ठंडे वातावरण के बीच तापमान का अंतर होने की वजह से ये ऊपर की ओर बढ़ता है। चक्रवात तब बनाता है जब नम हवा के ऊपर उठने से गर्मी पैदा होती है। तभी नम हवा में जलवाष्प मिल जाता है। ऐसी स्थिति में तूफान की स्थिति बनती है। अटलांटिक चक्रवात एक तूफान है जो एक विशाल निम्न दबाव केंद्र और भारी तड़ित-झंझावातों के कारण होता है। इसमें तेज हवाएं और भारी बारिश होती है।