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नासा ने हासिल की सबसे बड़ी उपलब्धि, सूर्य के पास से गुजरने वाले यान को किया रवाना

यह अंतरिक्षयान सूरज की सतह के सबसे करीब 40 लाख मील की दूरी से गुजरेगा, सूर्य के सात चक्कर लगाएगा यान
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नई दिल्ली

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Mohit Saxena

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Updated: 12 Aug 2018, 4:04 PM IST

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नासा ने हासिल की सबसे बड़ी उपलब्धी, सूर्य के पास से गुजरने वाले यान को किया रवाना

वॉशिंगटन। अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने सूरज को जानने के लिए अपना पहला मिशन रवाना किया है। गाड़ी के आकार का यह अंतरिक्षयान सूरज की सतह के सबसे करीब 40 लाख मील की दूरी से गुजरेगा। इससे पहले किसी भी अंतरिक्षयान के पास यह तापमान सहने की क्षमता नहीं थी। इस मिशन का उद्देश्य यह जानना है कि किस तरह ऊर्जा और गर्मी सूरज के चारों ओर घेरा बनाकर रखती है।

सूरज के सात चक्कर लगाएगा यान

इससे पहले शनिवार को पार्कर सोलर प्रोब को लॉन्च करना था लेकिन तकनीकी खामी की वजह से इसकी लॉन्चिंग को टाल दिया गया था। केप केनेवरल स्थित प्रक्षेपण स्थल से डेल्टा-4 रॉकेट के जरिए इस यान को अंतरिक्ष रवाना किया गया। यह यान अगले सात सालों में सूरज के सात चक्कर लगाएगा। धरती और सूरज के बीच औसत दूरी नौ करोड़ 30 लाख मील है।

डेढ़ अरब डॉलर की लागत वाला मिशन

इस यान को भेजने का उद्देश्य सूर्य के नजदीक के वातावरण, उसके स्वभाव और कार्यप्रणाली को जानना है। यह मिशन सात साल तक सूरज के वातावरण को जानने की कोशिश करेगा। इस प्रॉजेक्ट पर नासा ने 103 अरब रुपये खर्च किए हैं। यह यान नौ फीट दस इंच लंबा है और इसका वजन 612 किलोग्राम है।

धरती से 500 गुना ज्यादा रेडिएशन झेलेगा यह यान

इस यान को बेहद शक्तिशाली और प्रभावशाली हीट शील्ड से सुरक्षित है किया गया है ताकि यह सूरज के पास ताप को झेल सके और धरती की तुलना में 500 गुना ज्यादा रेडिएशन झेल सके। यह कार्बन शील्ड 11.43 सेंटी मीटर मोटी है। इस यान को रविवार को अमेरिका के समयानुसार तड़के 3 बजकर 31 मिनट पर लॉन्च किया गया। इस मिशन का नाम अमेरिकी सौर खगोलशास्त्री यूजीन नेवमैन पार्कर के नाम पर रखा गया है। पार्कर ने ही 1958 में पहली बार अनुमान लगाया था कि सौर हवाएं होती हैं। यह मिशन जब सूरज के सबसे करीब से गुजरेगा तो वहां का तापमान 2500 डिग्री सेल्सियस तक होगा।