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AstraZeneca ने कोरोना वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल दोबारा शुरू किया, ब्रिटेन ने दी अनुमति

Highlights ब्रिटिश रेग्युलेटरी से हरी झंंडी मिलने के बाद कोविड-19 वैक्सीन का मानव परीक्षण एक बार दोबारा शुरू हुआ। ट्रायल के दौरान मानव परीक्षण में शामिल एक वॉलंटियर के बीमार होने के बाद से इस पर पाबंदी लगा दी गई।
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Mohit Saxena

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Updated: 14 Sep 2020, 5:52 PM IST

AstraZeneca

दवा के ट्रायल पर ब्रिटेन ने रोक हटाई।

लंदन। बीते दिनों कोविड-19 (Covid-19) की एक दवा के ट्रायल पर रोक लगा दी गई थी, क्योंकि इसदौरान एक शख्स के बीमार होने की घटना सामने आई थी। कंपनी एस्ट्राजेनेका ( AstraZeneca) को इसके बाद कहा गया वह दवा के ट्रायल पर पांबदी लगा दे। इसके ट्रायल को भारत में भी रोक लगा दी है। मगर शनिवार को ब्रिटिश रेग्युलेटरी से हरी झंंडी मिलने के बाद कोविड-19 वैक्सीन का मानव परीक्षण एक बार दोबारा शुरू कर दिया गया।

कंपनी के बयान के अनुसार एस्ट्राजेनेका ऑक्सफोर्ड कोरोना वायरस वैक्सीन AZD1222 का क्लीनिकल ट्रायल ब्रिटेन में शुरू हो चुका है। मेडिसिन हेल्थ रेग्युलेटरी अथॉरिटी (MHRA) ने इसके सुरक्षित होने की पुष्टि की है।

गौरतलब है कि एस्ट्राजेनेका कोविड-19 की दवा बनाने के करीब थी। ट्रायल के दौरान मानव परीक्षण में शामिल एक वॉलंटियर के बीमार होने के बाद से इस पर पाबंदी लगा दी गई। भारत में ऑक्सफोर्ड वैक्सीन के ट्रायल में किसी वॉलंटियर पर इसका प्रतिकूल प्रभाव नहीं देखने को मिला। दूसरे फेज के ट्रायल में सौ से अधिक वॉलंटियर्स को ये वैक्सीन दी गई थी। एक हफ्ता पूरा होने के बाद इनको कोई परेशानी सामना नहीं करना पड़ा है।

एस्ट्रेजेनिका की तरफ से ब्रिटेन में ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन (Coronavaccine) के ट्रायल पर रोक लगाने के बाद भारत में भी इस वैक्सीन को तैयार किया जा रहा था। सीरम इंस्टीट्यूट ने इसके ट्रायल को रोकने का ऐलान किया है।

भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के कोविशील्ड वैक्सीन को ब्रिटेन की एस्ट्रेजेनिका के साथ तैयार कर रही है। भारतीय दवा निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट का कहना है कि वह देश में कोविड-19 वैक्सीन के ट्रायल को रोक रही है। भारतीय सीरम संस्थान (एसआईआई) से कहा गया कि परीक्षण के दौरान अभी तक टीका लगवा चुके लोगों की सुरक्षा निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए।