27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जाधव को लेकर आइसीजे में दूसरा हलफनामा दायर करेगा पाकिस्तान

बीते साल अप्रैल माह में जासूसी और आतंक के आरोप में जाधव को पाक अदालत ने फांसी की सजा दी थी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Mohit Saxena

•

Updated: 17 Jul 2018, 10:14 AM IST

jadhav

जाधव को लेकर आइसीजे में दूसरा हलफनाम दायर करेगा पाकिस्तान

इस्‍लामाबाद। सेवानिवृत्त भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आइसीजे) में पाकिस्‍तान आज अपना दूसरा जवाबी हलफनामा दायर करेगा। गौरतलब है कि बीते साल अप्रैल माह में जासूसी और आतंक के आरोप में जाधव को पाक सैन्‍य अदालत ने फांसी की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद भारत की याचिका पर आइसीजे की बेंच ने 18 मई को जाधव की फांसी पर रोक लगा दी। आइसीजे ने 23 जनवरी को पाकिस्‍तान को दूसरा हलफनामा दायर करने का समय दिया था।

इस साल सुनावाई की संभावना नहीं

मीडिया के अनुसार, जवाबी हलफनामा का ड्राफ्ट शीर्ष अर्टार्नी खावर कुरैशी ने तैयार किया है। दूसरी बार जवाबी हलफनामा दायर करने के बाद आइसीजे सुनवाई तय करेगा। अंतरराष्‍ट्रीय मुकदमों को देखने वाले सीनियर वकील ने पाकिस्‍तानी मीडिया को बताया कि इस साल मामले की सुनवाई की संभावना नहीं है। कई अन्‍य मामलों की सुनवाई के लिए पहले ही अगले साल के मार्च/अप्रैल का समय तय किया जा चुका है। इसे देखते हुए जाधव मामले की सुनवाई अगले साल की गर्मियों में होगी।

मार्च 2016 में किया गिरफ्तार

पाकिस्‍तानी सैन्‍य अदालत द्वारा जासूसी और आतंकवाद मामले में 48 वर्षीय जाधव को मौत की सजा दिए जाने के बाद बीते साल भारत ने अंतरराष्‍ट्रीय कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। पाक का दावा था कि जाधव ईरान से होकर बलुचिस्तान में घुसे थे और सुरक्षा बलों ने उन्हें तीन मार्च 2016 को गिरफ्तार कर लिया था। इस पर भारत ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया था।

क्‍या है भारत का पक्ष

भारत ने अपने हलफनामे में पाकिस्तान पर वियना संधि के उल्लंघन का आरोप लगाया है। भारत का आरोप है कि जाधव का पक्ष रखने के लिए सुनवाई के दौरान उन्हें कानूनी मदद तक नहीं लेने दी गई। भारत ने पाकिस्तान की सैन्य अदालत में जाधव पर एकतरफा कार्रवाई का विरोध जताया है। भारत का कहना है कि जाधव को ईरान में प्यापार करने आए थे। यहां उनका अपहरण कर लिया गया था। इसके बाद उन्हें पाकिस्तान की जेल में डाल दिया गया था।