उन्होंने कहा कि रखाइन प्रांत में विभिन्न समुदायों के बीच समाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति ने विश्वास, समझ, सौहार्द, सहयोग को कम किया है। वहीं अंतरराष्ट्रीय संगठन रोहिग्या मुस्लिमों पर उत्पीड़न के बाद सू की की काफी आलोचना करते रहे हैं। ऑक्सफोर्ड ने सोमवार को सू की से अधिकारिक रूप से 'फ्रीडम ऑफ द सिटी' सम्मान वापस ले लिया और कहा कि जो हिंसा को लेकर आंखे मूंदे रहते हैं। उन्हें हम यह सम्मान नहीं दे सकते।