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सीरिया संकट: रूस के लोगों से क्‍यों कहा जा रहा है तीसरे विश्‍व युद्ध के लिए रहें तैयार?

सीरिया में अमरीकी हमलों के बाद बने हालात से साफ है कि रूस बहुत जल्‍द इसका जवाब देने का मन बना चुका है।
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नई दिल्ली

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Dhirendra Kumar Mishra

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Updated: 15 Apr 2018, 10:47 AM IST

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नई दिल्‍ली। सीरिया पर हमले को लेकर अमरीका और रूस के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। अब यह संकट तेजी से तीसरे विश्‍व युद्ध का रूप लेता जा रहा है। ऐसा इसलिए कि इस मामले में दोनों महाशक्तियां पीछे हटने को तैयार नहीं है। हालांकि यूएन में अमरीका व सहयोगी देशों की कार्रवाई के खिलाफ निंदा प्रस्‍ताव लाने में रूस विफल रहा है लेकिन उसके रुख से साफ है वे वो अमरीका को इसका जवाब बहुत जल्‍द देगा। ऐसा इसलिए कि रूस में इस घटना के बाद वहां के लोगों को विश्‍व युद्ध के नजरिए से तैयार रहने को कहा जा रहा है। रूसी राष्‍ट्रपति पुतिन अपने लोगों को इस बात के संकेत दे चुके हैं वो इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेंगे, चाहे कीमत कोई भी क्‍यों न चुकानी पड़े।

रोसिया-24 चैनल ने जताई विश्‍व युद्ध की आशंका
रूस का लोकप्रिय टीवी चैनल रोसिया-24 ने दावे के साथ तीसरे विश्‍वयुद्ध की आशंका जताई है। टीवी चैनल ने अपने दर्शकों से युद्ध के लिए बंकरों में खाने पीने का सामान जमा करने को कहा है। चैनल के एंकर ने लोगों को पर्याप्‍त मात्रा में आयोडीन नमक का बंदोबस्‍त करने की भी सलाह दी है। चैनल ने लोगों को रेडिएशन के खतरों से बचने के लिए आगाह किया है। इसके साथ ही लोगों से बंकरों को दवाइयों और चावल इकट्ठा करने को कहा गया है। चावल इकट्ठा करने पर खासतौर से जोर दिया गया है। क्‍योंकि चावल को बंकरों में आठ वर्षों तक सुरक्षित रखा जा सकता है। इससे साफ है कि रूस में इस तरह का वातावरण पहले से ही तैयार है जिसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि अमरीका ने जवाबी कार्रवाई के मुद्दे पर दोनों महाशक्यितां आपस में टकरा सकते हैं। आपको बता दूं कि आयोडीन नमक रेडिएशन से बचाने में सहायक साबित होता है।

अमरीका ने दिया डूमा में केमिकल हमले का जवाब
आपको बता दें कि पिछले हफ्ते सीरिया के डूमा में केमिकल हमला हुआ था, जिसकी चपेट में बच्चों और महिलाओं समेत करीब 500 लोग आए थे। इसकी दुनिया भर में कड़ी निंदा हुई थी। अमरीका ने यूएन में रूस के खिलाफ निंदा प्रस्‍ताव भी पारित कराया था। राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने केमिकल हमले के लिए रूस, ईरान और सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद पर लगाया था। उन्‍होंने इस हमले का जवाब देने की चेतावनी भी दी थी। चेतावनी के अनुरूप उन्‍होंने 48 घंटे के अंदर ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिलकर शनिवार को सीरियाई ठिकानों में हमले किए। हमले के बाद से सीरिया संकट पहले से ज्‍यादा गहरा गया है। अब रूस ने अमरीका को इसका जवाब देने की चेतावनी दी है। हालांकि रूस का निंदा प्रस्‍ताव शनिवार को यूएन मे पास नहीं हो सका। इसके लिए जरूरी बहुमत जुटाने में भी रूस विफल रहा है।