5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

चुनाव से पहले ही भाजपा को बड़ा झटका

योगी सरकार में सहयोगी भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी ने किया अपने प्रत्याशी उतारते का ऐलान
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

मुरादाबाद

•

image

lokesh verma

•

Updated: 3 Nov 2017, 9:41 AM IST

BJP

मुरादाबाद. अभी निकाय चुनाव में भाजपा अपने प्रत्याशी सही से घोषित भी नहीं कर पाई है कि उससे पहले ही सरकार में उसकी सहयोगी पार्टी ने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। जी हां, भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी ने जनपद में मेयर समेत सभी वार्डों से प्रत्याशी उतारने का एेलान किया है। ये बात गुरुवार को पार्टी की मीटिंग में प्रदेश महासचिव भंवरपाल सिंह चौहान ने कही। उन्होंने कहा कि पार्टी नगर निकाय चुनाव में पूरे दमखम से उतरेगी। जिससे निश्चित रूप से भाजपा की मुश्किलें बढ़ेंगी। क्‍योंकि खुद भाजपा में ही मेयर व अन्य पदों को लेकर माथा-पच्ची चल रही है। इसलिए नामांकन के दो दिन ही बचे हैं, लेकिन प्रत्याशियों का कहीं अता-पता नहीं है।

बता दें कि सुहेलदेव पार्टी के महासचिव गुरुवार को दिल्ली रोड स्थित एक होटल में अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने आए थे। इस दौरान उन्होंने स्थानीय पदाधिकारियों को निर्देश भी दिए की अगले दो-तीन दिनों में योग्य प्रत्याशी का ऐलान करें। इसके आलावा उन्होंने बताया की चुनाव आयोग के मशवरे के बाद राष्ट्रीय अध्‍यक्ष ओमप्रकश राजभर ने लखनऊ में होने वाली पार्टी स्थापना दिवस की रैली को टाल दिया है, लेकिन निकाय चुनाव में जी जान से जुटने की बात कही है, जिसके लिए कार्यकर्ताओं को तैयार किया जा रहा है।

यहां बता दें कि सुहेलदेव पार्टी योगी सरकार में सहयोगी पार्टी है और खुद राष्ट्रीय अध्‍यक्ष ओमप्रकाश राजभर कैबिनेट मंत्री भी हैं। खुद राजभर पूर्व में समय-समय पर योगी सरकार के लिए मुश्किल खड़ी करते रहे हैं। यही नहीं विरोधी ब्यान भी उनके खूब आए हैं। अब उनके द्वारा निकाय चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान भाजपा को परेशान करने वाला जरूर है। क्‍योंकि वेस्ट यूपी में इस पार्टी का अभी इतना मजबूत आधार नहीं है, अगर इसके उम्मीदवार निकाय चुनाव में उतरते हैं तो निश्चित रूप से भाजपा को नुक्सान होगा। वहीं इस मामले पर स्थानीय भाजपाइयों ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। उनके मुताबिक इस पर प्रदेश नेतृत्व ही निर्णय लेगा या बयान जारी करेगा।