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इस शहर में अब रोजाना 50 कुत्तों की होगी नसबंदी, मोदी की मंत्री ने दी मंजूरी

पिछले दो महीने से अटकी आवारा कुत्तों की नसबंदी मंजूरी को अब पियुपल फॉर एनिमल की संस्थापक केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी द्वारा हरी झंडी दे दी गयी है।
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मुरादाबाद

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Jai Prakash

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Updated: 12 Jul 2018, 12:49 PM IST

moradabad

इस शहर में अब रोजाना 50 कुत्तों की होगी नसबंदी, मोदी की मंत्री ने दी मंजूरी

मुरादाबाद: जनपदवासियों को अब आवारा कुत्तों के आतंक से मुक्ति मिलती हुई दिखाई दे रही है। पिछले दो महीने से अटकी आवारा कुत्तों की नसबंदी मंजूरी को अब पियुपल फॉर एनिमल की संस्थापक और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी द्वारा हरी झंडी दे दी गयी है। जिसके बाद नगर निगम और सम्बंधित कपनी ने अगले एक सप्ताह के अंदर काम शुरू कर देने की हामी भरी है। नगर आयुक्त अवनीश कुमार शर्मा ने बताया कि आवारा कुत्तों की नसबंदी अब जल्द शुरू हो जाएगी। औपचारिकतायें पूरी करने के बाद मंजूरी भी मिल गयी है। नगर निगम के स्तर की सभी तैयारियां भी पूरी हो गयीं हैं।

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इस दिन से शुरू होगी नसबंदी

आवारा कुत्तों की नसबंदी का काम मई में शुरू होना था,लेकिन पीएफए संस्था द्वारा सम्बन्धित ठेकेदार को अनुभव व अन्य औपचारिकतायें पूरी न होने पर रोक लगा दी गयी थी। जिसके बाद सभी औपचारिकतायें पूरी की गयीं। जिन्हें केन्द्रीय मंत्री ने मंजूर कर लिया और कुत्तों की नसबंदी की मंजूरी दे दी। अब 16 जुलाई से कुत्तों की नसबंदी का काम शुरू हो जायेगा। जिसके लिए नगर निगम द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गयीं हैं।

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रोजाना इतने कुत्तों की होगी नसबंदी

नगर निगम के दौलतबाग स्थित सफाई गोदाम में कुत्तों की नसबंदी के लिए वातानुकिलित ऑपरेशन थियेटर बनाया गया है। जिसमें रोजाना औसतन 50 कुत्तों की नसबंदी की जायेगी। इसमें पहले कुत्तों को पकड़कर तीन से चार दिन तक कुत्ता घर में रखा जायेगा उसके बाद नसबंदी की जायेगी। ऑपरेशन के बाद कुत्ते का कान काटकर उसी इलाके में छोड़ा जायेगा जहां से उसे पकड़ा गया था। ताकि पता रहे किस इलाके में कितने कुत्तों की नसबंदी हुई।

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अब तक एक दर्जन से अधिक बच्चों की मौत

यहां बता दें कि जनपद में आवारा कुत्तों का आतंक बहुत बढ़ गया है। अकेले कुन्दरकी में ही एक दर्जन के करीब बच्चों की मौत कुत्तों के काटने से बीते एक साल में हुई है। जबकि 200 से अधिक लोग शिकार हुए हैं। यही नहीं जिला अस्पताल में रोजाना पचास से ज्यादा मरीज कुत्ता काटे के पहुंचते हैं। जिससे कभी कभार वैक्सीन भी खत्म हो जाती है।