
योगी सरकार को इस काम के लिए ढूंढें नहीं मिल रहे लोग
मुरादाबाद: सूबे में योगी सरकार के गठन के साथ ही सूबे में शिक्षा व्यवस्था का ढांचा बदलने का दावा किया गया था। जिसके तहत सरकार ने कई कदम भी उठाये,इन्हीं में शामिल था सरकारी प्राइमरी स्कूल में अंग्रेजी माध्यम से पढाई भी। लेकिन जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूल तो हर ब्लाक में तय कर दिए। लाख जतन के बाद भी अभी अंग्रेजी माध्यम के पूरे शिक्षक नहीं मिल पाए। जिससे ये सवाल उठ रहा है कि क्या सरकारी स्कूल प्राइवेट स्कूलों की तरह ही अंग्रेजी माध्यम से आम बच्चों को शिक्षा दे पायेंगे या नहीं। फ़िलहाल शिक्षा अधिकारी जुलाई से फिर से आवेदन लेने की बात कह रहे हैं।
इतने शिक्षकों की है जरुरत
यहां बता दें कि बेसिक शिक्षा परिषद् सूबे में पहली बार सरकारी प्राइमरी स्कूल में अंग्रेजी माध्यम से पढाई हर ब्लाक स्तर पर करने जा रहा है। हर ब्लाक में पांच पांच विद्यालयों का चयन अंग्रेजी मीडियम के लिए हुआ है। जिले कुल 9 ब्लाक हैं,इस प्रकार 45 विद्यालयों में 225 शिक्षकों की आवश्यकता है। पिछले दिनों मांगे आवेदनों में कुल 117 शिक्षकों की काउंसिलिंग के बाद अभी तक महज 72 शिक्षकों ने ही ज्वाइन किया है।बाकी शिक्षकों ने अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करवाने में हाथ खड़े कर दिए हैं।
किताबें पहुंच गयीं,शिक्षक गायब
वहीँ हैरानी इस बात की है कि अंग्रजी माध्यम की किताबें ब्लाक वार पहुंच गयीं हैं। जबकि इसके उलट शिक्षकों का अतापता नहीं है। जुलाई के पहले सप्ताह तक लगभग हर स्कूल में अंग्रेजी मीडियम की किताबें पहुंच जायेंगी। ऐसे में विभाग के सामने मुश्किल खड़ी हो गयी है। कि अब वो करे तो क्या करे। बिना शिक्षकों के पढ़ाई शुरू करवाए तो कैसे।
ये बोले अधिकारी
बी.एस.ए. योगेन्द्र कुमार ने बताया कि जुलाई में शिक्षकों से फिर से आवेदन मांगे जायेंगे। अगर उसके बाद भी अंग्रेजी मीडियम शिक्षकों की व्यवस्था नहीं हुई तो शासन को अवगत कराया जाएगा। क्यूंकि विभाग के पास विक्ल्प्स सीमित हैं। जो भी फैसला होगा फिर शासन स्तर से ही होगा।
Published on:
16 Jun 2018, 11:23 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.