
भेजा उड़ाने वाला दामाद और उसका साथी गिरफ्तार | Image - MoradabadPolice
Judge Father Murder News: बुलंदशहर में एडिशनल सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर तैनात असमा सुल्ताना के पिता और शहर की मशहूर अलवीना बेकरी के संचालक मो. असद (62) की बेरहमी से हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घटना के बाद से पुलिस प्रशासन हरकत में है और मामले को हाई-प्रोफाइल मानते हुए तेजी से जांच आगे बढ़ाई जा रही है। परिवार के सामाजिक कद और न्यायिक सेवा से जुड़े होने के कारण यह मामला खासा संवेदनशील बन गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या की जड़ पारिवारिक और संपत्ति विवाद है। मृतक मो. असद अपने साले जफर हुसैन और उसके परिवार की आर्थिक मदद किया करते थे, लेकिन जब जफर ने धोखाधड़ी से अपने छोटे भाई का मकान बिकवा दिया, तब मो. असद ने छोटे साले का पक्ष लिया। इसी बात से जफर अंदर ही अंदर खौल रहा था और उसने यह खूनी साजिश रच डाली।
घटना शुक्रवार की है जब मो. असद नमाज अदा कर रोजा इफ्तार करने के बाद अपने छोटे साले मुजाहिद उर्फ डेनियल के साथ स्कूटी से कोतवाली स्थित लाल मस्जिद तरावीह पढ़ने जा रहे थे। नागफनी क्षेत्र के बंगला गांव चौराहे पर पीछे से बाइक पर आए जफर हुसैन ने बेहद नजदीक से गोली चला दी। गोली सिर के दाहिने हिस्से में लगी और दूसरी ओर गाल के पास से बाहर निकल गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मो. असद को एक से डेढ़ मीटर की दूरी से गोली मारी गई थी। गोली की एंट्री और एग्जिट प्वाइंट देखकर यह साफ हो गया कि हमलावर बेहद करीब था और हत्या पूरी योजना के तहत की गई। एक्सरे रिपोर्ट में भी सिर के अंदर गोली से हुए भारी नुकसान की पुष्टि हुई है, जिससे मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने इस मामले में हिस्ट्रीशीटर जफर हुसैन के दामाद मो. फैजान और उसके दोस्त आलमगीर को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में दोनों ने हत्या की साजिश में शामिल होने की बात कबूल की है। पुलिस का दावा है कि हत्या की पूरी योजना पहले से तैयार की गई थी। फिलहाल मुख्य आरोपी जफर हुसैन और उसके दोनों बेटों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
मो. असद की बेटियां असमा सुल्ताना और लाजपत नगर निवासी दामाद मोहम्मद जुल्करनैन आलम बुलंदशहर में एडिशनल सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर तैनात हैं। वहीं दूसरी बेटी अलमस सुल्ताना अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। इस दर्दनाक वारदात से पूरा परिवार गहरे सदमे में है और शहर में शोक की लहर है।
पुलिस के मुताबिक जफर के छोटे भाई का आशियाना कॉलोनी में एक मकान था, जिसे जफर ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज बनाकर बेच दिया। इस मामले में पहले से ही रिपोर्ट दर्ज थी। मो. असद ने इस विवाद में जफर से दूरी बना ली थी और छोटे साले का साथ देने लगे थे। यही बात जफर को नागवार गुजरी और उसने हत्या का रास्ता चुन लिया।
एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला पूरी तरह पारिवारिक और संपत्ति विवाद से जुड़ा हुआ लग रहा है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
Published on:
01 Mar 2026 01:14 pm
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