
मुरादाबाद: शहर के नागफनी थाना क्षेत्र में आज दोपहर बाद उस समय हंगाम खड़ा हो गया। जब छह माह कि बच्ची कि पोलियो खुराक पीने के बाद मौत हो गयी। परिजनों का आरोप है कि बच्ची कि तबियत खराब थी उसके बाद भी जबरन कैम्प पर दवा पिला दी,जिसके बाद घर लाते ही बच्ची ने दम तोड़ दिया। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान वहां मौजूद कर्मचारी भाग गए। सूचना पर सीओ कोतवाली पूनम मिश्रा और सिटी मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और परिजनों को कार्यवाही का आश्वासन देकर शांत किया।
नागफनी निवासी शब्बू पीतल पालिश का काम करता है। उसके चार बच्चे हैं,उसकी सबसे छोटी बेटी उमरा छह महीने कि थी। उसकी पत्नी गुलशन करीब एक महीना पहले स्वास्थ्य केंद्र से टीका लगवाकर आई थी। जिस कारण उसके पैर में घाव हो गया था जो ठीक नहीं हुआ था। आज इलाके के वारिस अस्पताल में कैम्प लगा हुआ था। गुलशन बच्ची उमरा को लेकर कैम्प में टीके को दिखाने गयी थी। लेकिन वहां मौजूद कर्मचारियों ने उसे कोई ओरल ड्राप दी। जिसे पीने के कुछ देर बाद ही बच्ची कि मौत हो गयी। गुस्साए परिजनों ने स्वास्थ्य केंद्र में जमकर तोड़फोड़ की। परिजनों ने बताया कि अगर ड्राप पिलवाने नहीं लाते तो स्वास्थ्य कर्मी घर पर पुलिस को भेज देते हैं। हम लोगों ने बताया था कि बच्ची बीमार है,उसके बावजूद उसे ड्राप पिला दी जिसे पिलाते ही दम तोड़ दिया।
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सिटी मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह और सीओ कोतवाली पूनम मिश्रा फ़ोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और हंगामा कर रहे लोगों को शांत किया। सिटी मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह ने बताया की परिजनों कि शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। तीन डाक्टरों का पैनल इस मामले कि जांच करेगा। बच्ची का पोस्ट मार्टम कराया जा रहा है। जो भी तथ्य आयेंगे उसके आधार पर कार्यवाही कि जायेगी।
Published on:
17 Feb 2018 06:56 pm
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