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पीएम मोदी के दावों की खुली पोल, यूपी के इस गांव में आज भी है अंधेरे का राज

कागजी खानापूर्ति कर बिजली अधिकारीयों ने ग्रामीणों के घर में लगा दिया विधुत मीटर
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मुरादाबाद

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Iftekhar Ahmed

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Updated: 17 May 2018, 2:21 PM IST

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मुरादाबाद. एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के हर गांव में बिजली पहुंचाने का दावा कर रहे हैं, लेकिन इसके उलट जनपद के विधुत अधिकारीयों की लापरवाही उनके इस दावे को ठेंगा दिखा रही है। जी हां शहर से सटे अगवानपुर क्षेत्र के सलेमपुर बांगर गांव में सिर्फ कागजी खानापूर्ति के लिए यहां बिजली अधिकारीयों ने ग्रामीणों के घर में विधुत मीटर तो लगा दिए लेकिन उनमें करंट आज भी नहीं आया। जबकि चौंकाने वाली बात ये है कि बिल आ रहा है। ग्रामीणों की माने तो कई बार अधिकारीयों को जानकारी दी गयी, लेकिन अभी तक उनकी समस्या का कोई हल नहीं हुआ। अब मामला सामने आने पर उधर बिजली अधिकारी जांच की बात कह रही है।

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पिछले दिनों जनपद में मीटर टू मीटर योजना के तहत ग्रामीण इलाकों के उन घरों में जिनमें सिर्फ एक निश्चित शुल्क पर बिजली के तार से कनेक्शन था,वहां मीटर लगाये गए। इसी के तहत सलेमपुर बांगर गांव में भी दर्जन भर से अधिक ग्रामीणों के घरों में करीब छह महीने पहले विधुत मीटर लगा दिए गए। लेकिन उनमें करंट आज तक नहीं दौड़ा। यहां रहने वाली रामवती और मुकेश ने बताया कि मीटर लगे हुए कई महीने बीत गए, लेकिन घरों में आज तक बिजली नहीं आई। इसको लेकर कई बार बिजली अधिकारीयों से भी बात की गयी तो उन्होंने भी कोई संतोषजनक जबाब नहीं दिया। अब गर्मी में हालात और ज्यादा खराब हैं।

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उधर जब जी एम विधुत आई.पी.सिंह से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि ये मामला उनकी जानकारी में नहीं है। कहीं कोई तकनीकी समस्या हो सकती है। इसको दिखवाकर निदान करवाया जाएगा।

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यहां बता दें ये मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि देश के हर गांव को बिजली से जोड़ने का दावा मोदी सरकार कर रही है। इसीलिए सूबे में सौभाग्य योजना भी चलाई जा रही है। जिसमें ग्रामीण और शहरी इलाकों में गरीबों को मुफ्त विधुत कनेक्शन दिया जा रहा है। लेकिन अगर कनेक्शन इसी तरह सिर्फ रस्म अदायगी से दिया जा रहा है तो ये सरकारी कामकाज पर सवाल जरुर खड़ा करता है।