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IPS को फॉन कर कांस्टेबल कर रहा था ब्लैकमेल फिर हुआ कुछ ऐसा कि…

9 साल पहले बरेली जिले से बर्खास्त हुए सिपाही ने पुलिस कांस्टेबल से लेकर आईपीएस अफसरों पर दबदबा ही नहीं बनाया, बल्कि उनको ब्लैकमेल भी करना शुरू कर दिया।
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मुरादाबाद

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Rahul Chauhan

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Updated: 22 Aug 2018, 6:15 PM IST

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रामपुर। 9 साल पहले बरेली जिले से बर्खास्त हुए सिपाही ने पुलिस कांस्टेबल से लेकर आईपीएस अफसरों पर दबदबा ही नहीं बनाया, बल्कि उनको ब्लैकमेल भी करना शुरू कर दिया। मामला प्रकाश में आते ही एडीजी बरेली प्रेम प्रकाश ने आरोपी बर्खास्त सिपाही मोहम्मद रफी को अपने कार्यालय से गिरफ्तार करवा दिया। जिसे कोतवाली सिविल लाइंस पुलिस ने लिखा-पढ़ी करके न्यायालय भेजा। जहां न्यायालय ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत के लिए जेल भेज दिया गया।

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बता दें कि करीब 1 माह पहले कोतवाली सिविल लाइंस में बर्खास्त सिपाही के खिलाफ कांस्टेबल दीपक ने एक FIR लिखाई। जिसमें बर्खास्त सिपाही पर रुपये मांगने का आरोप लगा था। इसी आरोप की जांच कोतवाली सिविल लाइंस पुलिस कर रही थी। इस आरोप से बचने के लिए आरोपी एडीजी बरेली प्रेम प्रकाश के कार्यालय पहुंचा। जैसे ही उसके प्रार्थना पत्र में FIR की बात एडीजी प्रेम प्रकाश ने पढ़ी, उन्होंने तुरन्त उसे पुलिस कस्टडी में ले लिया। बाद में सम्बंधित कोतवाली सिविल लाइंस को फोन करके बर्खास्त सिपाही को हवाले कर दिया। जिसके बाद सिविल लाइंस पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया ।न्यायालय ने 14 दिन के लिए जेल भेज दिया।

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आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने लगाए गंभीर आरोप

आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने भी बर्खास्त सिपाही पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मई 2015 में मुझे और मेरी पत्नी पर झूठे इल्जाम लगाकर कोर्ट में परिवाद दर्ज किया था, हालांकि बाद में मामला खारिज हो गया। लेकिन उस परिवार के माध्यम से मुझ पर दबाव बनाना चाहता था। बर्खास्त सिपाही दबाव बनाकर मोटी रकम लेना चाहता था। लेकिन मैं कोर्ट में गया और कोर्ट को सारी चीजें कोर्ट को बताई। तब कहीं जाकर मुझे कोर्ट से न्याय मिला और आरोपी बर्खास्त सिपाही के परिवार को खारिज किया।

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बर्खास्त सिपाही ने पुलिसकर्मियों पर लगाए आरोप

बता दें कि 3 माह पहले बर्खास्त सिपाही मोहम्मद रफी ने जिले में सट्टा कराने का आरोप स्थानीय कई पुलिस कांस्टेबल अफसरों पर लगाया था। जिसकी जांच एडिशनल SP और सीओ सिटी कर रहे थे। जांच में बर्खास्त सिपाही द्वारा लगाए गए आरोपों में कोई सत्यता नहीं पाई गई। बर्खास्त सिपाही ने कहा कि इससे जिन पुलिस कांस्टेबल अफसरों की शिकायत की गई, वह नाराज हो गए और उसी नाराजगी की वजह से मेरे खिलाफ है FIR दर्ज करा दी है। अगर मुझे कोर्ट में सबूत पेश करने का मौका दिया जाता तो मैं इन पुलिस वालों के खिलाफ जो शिकायत की है, उसके सारे सबूत भी दे देता।