
घंटों सड़क पर सड़पते रहे दुर्घटना में घायल बुजुर्ग पर नहीं मिला एम्बुलेंस का नंबर
रामपुर. डीएम और एसपी आवास के बराबर जिले की मेन सड़क पर हादसे के शिकार हुए दो बुजुर्ग लूलूहान स्थिति में तड़पते रहे। इस दौरान राहगीरों ने 108 और 102 पर कॉल मिलाते रहे, लेकिन कोई रिस्पाॉन्स नहीं मिला। इसके बाद स्थानीय गुस्साए लोगों ने किसी की कॉल पर जा रही एक एंबुलेंस को जबरन रोक लिया। ड्राइवर ने जैसे ही जाने से मना किया तो स्थानीय लोगों ने जबरदस्ती उसकी एंबुलेंस में दोनों बुजुर्गों को रखवाकर जिला अस्पताल भेज दिया। इस दौरान एंबुलेंस चालक काफी परेशान दिखा। उसने कहा कि गर्भवती महिला को लेने जाना था। मरीज की तरफ से कई बार कॉल आ चुकी है । ऐसे में अगर उसके साथ कोई घटना हो जाए तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। स्थानीय भीड़ ने कहा एम्बुलेंस चालक को बताया कि हमारे सामने 2 लोग सड़क किनारे लहूलुहान स्थिति में पड़े हैंं। इन को अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी है। इसके बाद असमंजस की स्थिति में एंबुलेंस चालक दोनों बुजुर्गों को ज़िला अस्पताल छोड़ने चला गया।
घटना डीएम एसपी आवास से महज 200 मीटर की दूरी पर कोतवाली सिविल लाइंस इलाके के शौकत अली रोड की है। यहां पर पैदल जा रहे दो बुजुर्गों को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी।इस दुर्घटना में दोनों ही बुजुर्ग लहूलुहान स्थिति में सड़क किनारे गिर गए । तकरीबन पोन घंटे तक दोनों बुजुर्ग इलाज के लिए तड़पते रहे। इस दौरान राहगीर 108 और 102 को कॉल मिलाते रहे। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस सेवा नहीं मिल पाई । इस दौरान राहगीरों ने कॉल पर जा रही एंबुलेंस को रोककर जबरजस्ती दोनों को बिठाकर जिला अस्पताल भेजा। बताया जा रहा है कि दोनों ही बुजुर्ग की हालत नाजुक बनी हुई है। दोनों ही घायल बुजुर्ग थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और दोनों ही बुजुर्ग आपस में रिश्तेदार बताएं जा रहें हैं। ये दोनों शख्स जिला कलेक्ट्रेट किसी काम से आए थे और वापस कलेक्ट्रेट से घर जा रहे थे।
इस हादसे की सूचना मिलने पर कोतवाली सिविल लाइन पुलिस भी मामले की जानकारी में जुट गई है । वहीं, जिला अस्पताल सीएमओ सुबोध कुमार एंबुलेंस कॉल पर कोई रिस्पॉन्स नहीं मिलने की शिकायत को लेकर काफी गंभीर नजर आए। उन्होंने कहा कि मैं तत्काल जांच कराउंगा और जांच के बाद जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि जिस जगह पर यह हादसा हुआ है। वह अस्पताल से एक किलोमीटर की दूरी पर है। कई एंबुलेंस वहां पर रहती है। इसके बावजूद किस वजह से एम्बुलेंस के लिए किए गए कॉल का रिस्पांस क्यों नहीं मिला, यह जांच के बाद ही क्लियर हो पाएगा।
आपको बता दें कि इससे पहले ही मिलक थाना क्षेत्र के राठोडा चौराहे पर करंट से युवक की तड़प-तड़प कर मौत हओ गई थी, लेकिन एंबुलेंस समय से नहीं पहुंची थी। अभी इस घटना को 24 घंटे भी नहीं हुए कि जिला अस्पताल से 1 किलोमीटर की दूरी पर दो बुजुर्ग हादसे का शिकार हो गए। उनकी मदद के लिए राहगीर 102 और 108 एंबुलेंस को कॉल करने के लिए कोशिश करते रहे, लेकिन वहां से कोई रिस्पांस नहीं मिला। जिसको लेकर राहगीर भी परेशान हो गए। अब देखना ये होगा कि 108 और 102 क्यों लापरवाह है, किन कारणों से लोगों को इसकी सेवा नहीं मिलती हैं, क्योंकि समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंचने से लोगों की जान जा रही है।
Published on:
16 Aug 2018, 4:52 PM IST
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