
मुरादाबाद: एक तरफ कोरोना महामारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग आम नागरिकों से सजगता की अपील कर रहा है, लेकिन जनपद में उसकी एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। जी हां कोरोना आशंकित पति को उसकी पत्नी के शव का अंतिम संस्कार की इजाजत देना अब प्रशासन के लिए भारी पड़ गया है। क्यूंकि बीमार होने पर पहले महिला को टीएमयू में भर्ती किया गया था, जहां से उसका सैम्पल जांच के लिए भेजा गया, जबकि पति-देवर समेत परिजनों को क्वारंटाइन किया गया था। इस बीच महिला की मौत हो गयी। 21 अप्रैल को महिला की रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसका शव पति को सौंप दिया गया। लेकिन मंगलवार को उसके पति की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गयी। जिसके बाद हडकंप मच गया है। पति को अस्पताल में भर्ती कर परिवार को क्वारंटाइन किया गया है, जबकि अंतिम संस्कार में शामिल हुए लोगों और इलाके में दहशत फ़ैल गयी है।
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इलाज के दौरान हुई थी मौत
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 16 अप्रैल को सिविल लाइन थाना क्षेत्र की काजीपुरा निवासी 43 वर्षीय महिला को टीएमयू में रेफर किया गया था। वहां से उसका सैम्पल लेकर जांच के लिए भेजा गया। इस बीच महिला की 17 अप्रैल को मौत हो गयी। उसके पति और देवर को क्वारंटाइन कर दिया गया था। शव को भी मोर्चरी में रख दिया गया था। 21 अप्रैल को महिला की रिपोर्ट जब निगेटिव आई तो परिजनों ने पति की रिपोर्ट का इन्तजा किये बिना ही शव परिजनों को सौंप दिया।
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बीस लोग हुए शामिल
पति ने बीस लोगों के साथ शव का अंतिम संस्कार कर दिया। अब मंगलवार को आई रिपोर्ट में पति कोरोना पॉजिटिव निकला, जिसके बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। स्थानीय पार्षद जय प्रकाश पाल के मुताबिक पीड़ित मजदूरी करता है और उसके पांच बच्चे हैं। उसको संक्रमण संभवता अस्पताल से लगना माना जा रहा है। उधर पति को भर्ती कर उसका इलाज शुरू कर दिया गया है। साथ ही पूरे इलाके को हॉटस्पॉट घोषित कर सर्वे शुरू कर दिया है। फ़िलहाल इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से अब जबाब देते नहीं बन रहा है।
Published on:
23 Apr 2020 12:32 pm
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