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Morena News: शादी-भंडारे में सब्जी-पूड़ी बनाने वाली कढ़ाई बनी सहारा, तेज बहाव में कराया नाला पार

flooded drain: खेरली-पचोखरा मार्ग पर नाले के उफान पर आने से डूबा पुल, बुजुर्गों को कढ़ाई में बैठाकर रस्सी के सहारे कराया जा रहा नाला पार।
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मुरैना

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Shailendra Sharma

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Updated: 6 Sep 2026, 5:29 PM IST

villagers use kadhai to cross water

villagers use kadhai to cross water, लोहे की कढ़ाई में नाला पार करते लोग (Source-Patrika)

शादी या अन्य समारोहों के समय आपने लोहे की कढ़ाई में सब्जी-पूड़ी और पकवान बनते हुए तो कई बार देखे होंगे लेकिन क्या आपने कभी इन्हीं कढ़ाई में बैठकर लोगों को बाढ़ का पानी का पार करते देखा है। जी हां ऐसी ही तस्वीर सामने आई है मध्यप्रदेश के मुरैना जिले से, यहां जिस बड़ी कढ़ाई में शादी समारोह और भंडारों में सब्जी बनाई जाती हैं और पूड़ियां सेंकी जाती हैं, रविवार को वही कढ़ाई ग्रामीणों के लिए नाला पार करने का साधन बन गई। गुराह नाले का पुल पानी में डूबने के बाद ग्रामीणों ने रस्सी और दो बड़ी कढ़ाईयों का सहारा लिया। कढ़ाई में बुजुर्गों को बैठाकर लोग उन्हें नाले के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचाते नजर आए। यह नजारा जोखिम भरा था, क्योंकि पानी का बहाव तेज था और जरा सी चूक हादसे का कारण बन सकती थी।

उफान पर नाला, कढ़ाई की 'नाव' का जुगाड़

कैलारस विकासखंड के खेरली-पचोखरा मार्ग पर रविवार को बारिश के बाद गुराह नाले का पुल पानी में डूब गया। पुल के ऊपर से पानी बहने लगा, जिससे मार्ग पर आवागमन जोखिम भरा हो गया। इसी दौरान एक बुजुर्ग की तेरहवीं में शामिल होने के लिए ग्रामीणों को नाला पार करना था। ग्रामीणों ने पुल के ऊपर पानी होने के बावजूद आवाजाही जारी रखी और कढ़ाई-रस्सी का जुगाड़ अपनाया। ग्रामीणों के अनुसार बारिश के दिनों में नाले का जलस्तर बढ़ते ही खेरली-पचोखरा मार्ग प्रभावित हो जाता है। पुल पर पानी आने से दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों का खतरा बढ़ जाता है। कई बार बहाव इतना तेज होता है कि पुल पार करना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग की है।

एसडीएम बोले: वैकल्पिक रास्ता होने के बावजूद लोगों ने उठाया जोखिम

जौरा एसडीएम शुभम शर्मा ने बताया कि खेरली और पचोखरा अलग-अलग गांव हैं। एक बुजुर्ग की तेरहवीं के दौरान लोगों के नाला पार करने की स्थिति सामने आई थी। ग्रामीणों के पास वैकल्पिक रास्ता मौजूद था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने इसी रास्ते को चुना। सूचना मिलते ही मौके पर टीम को भेजा गया और लोगों को जोखिम उठाने से रोका गया है।

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