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PADMAAVAT REVIEW: खिलजी- पद्मावती का ड्रीम सीक्वेंस तो है ही नहीं, बल्कि राजपूतों की शान पर बनी है पद्मावत

हाल में भंसाली ने मीडिया के लिए इस फिल्म की स्पैशल स्क्रीनिंग रखी। जिसके बाद फिल्म का पूरा कच्चा चिठ्ठा अब मीडिया के पास है।
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Riya Jain

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Updated: 24 Jan 2018, 9:48 AM IST

padmaavat movie review

padmaavat movie review

पिछले साल से विवादों के कटघरे में खड़ी पद्मावत अभी तक की सबसे विवादित फिल्म बन चुकी है। इतने दिनों से चल रहे विवाद के बाद अब कल यानि 25 जनवरी को फिल्म Padmaavat रिलीज होने वाली है। लेकिन हम आपको बता दें कि असल में फिल्म कैसी है?


हाल में भंसाली ने मीडिया के लिए इस फिल्म की स्पैशल स्क्रीनिंग रखी। जिसके बाद फिल्म का पूरा कच्चा चिठ्ठा अब मीडिया के पास है। सबसे बड़ी बात ये है कि जहां राजपूत इस फिल्म का जमकर विरोध कर रहे हैं ये फिल्म पूरी तरह उनकी शान को दर्शाती है। फिल्म देखने के बाद हो ना हो राजपूत परिवार गर्व महसूस करेंगे।


बता दें फिल्म की कहानी बिलकुल साधारण सी है। कहा जा रहा था कि फिल्म में अलाउद्दिन खिलजी और रानी पद्मावती का ड्रीम सीक्वैंस है, लेकिन इस फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं है। यहां तक की फिल्म में एक भी ऐसा सीन नहीं है जिस दौरान पद्मावती और खिलजी का आमना सामना हुआ हो।


इसके अलावा जिस तरह से कहानी को फिल्माया गया है वो काबीले तारीफ है। साथ ही 3d इफैक्ट इस फिल्म में चार चांद लगा रहा है।


फिल्म की कहानी

तेरहवीं शताब्दी की ये फिल्म पूरी तरह से रानी पद्मावती पर आधारित है। कहानी की शुरुआत खि‍लजी वंश का शासक जलालुद्दीन खिलजी जिसका किरदार रजा मुराद निभा रहे हैं वे अफगानिस्तान में अपनी टुकड़ी के साथ बैठकर दिल्ली को जीतने का प्लान बनाते है। उसी समय एन्ट्री होती है रणवीर सिंह यानि अलाउद्दीन खि‍लजी की। वे आकर चाचा की बेटी मेहरूनिसा जो की अदिति राव हैदरी बनी हैं, उनसे निकाह कर लेते हैं। लेकिन कुछ घटनाओं के बाद खिलजी अपने चाचा को मारकर खुद दिल्ली का राजा बन जाता है।

वहीं राजा महारावल रतन सिंह का किरदार निभा रहे एक्टर शाहिद कपूर सिंघल देश में जाकर राजकुमारी पद्मिनी यानि दीपिका पादुकोण से पहली बार मुलाकात करते हैं।

प्रेम में पड़ने के बाद महारावल पद्मिनी से शादी करके उन्हें चित्तौड़ लेकर आते हैं। इसी बीच राज्य के पुरोहित राघव चेतन को कुछ कारणों के चलते देश निकाल दिया जाता है । इसी वजह से वे चिड़कर दिल्ली पहुंच जाते हैं और अलाउद्दीन खिलजी को रानी पद्मावती की खूबसूरती के बारे में बता देते हैं। पुरोहित की बातों से प्रभावित होकर अलाउद्दीन, चित्तौड़ पर आक्रमण करने का ऐलान कर देता है और वहां जाकर महारावल के साथ छल करते हुए उन्हें बंदी बनाकर दिल्ली ले आता है। इसके बाद वे महाराजा को छोड़ने के लिए एक शर्त रखता है कि वे एक बार महारानी पद्मावती को देखना चाहता है। इसके बाद कहानी में कई मोड़ आते हैं अंत में जीत राजपूतों के शौर्य और पराक्रम की होती है।

कहा जा सकता है कि दीपिका से लेकर शाहिद कपूर तक सभी ने इस फिल्म के सभी पात्रों को बखूबी निभाया है। वहीं पहली बार खलनायक बने रणवीर ने तो अपनी एक्टिंग से सभी का दिल जीत लिया है।