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बॉम्बे HC ने ‘गड्ढों वाली सड़क’ पर जताई नाराजगी, BMC समेत 6 नगर निगम प्रमुखों को कोर्ट बुलाया

Mumbai Thane Pothole: सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा, "प्रत्येक नागरिक निकाय को आदर्श रूप से हर मानसून से पहले अपने अधिकार क्षेत्र में पॉटहोल और मैनहोल का सर्वे करना चाहिए।"

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Aug 09, 2023

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बॉम्बे हाईकोर्ट ने पॉटहोल पर जताई नाराजगी

Bombay High Court on Road Pothole: मुंबई और इसके आसपास के इलाकों में गड्ढों वाली सड़कों (पॉटहोल) ने वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वालों की भी परेशानी बढ़ा दी है। इस पर अब बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने नाराजगी जताई है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने सड़कों और फुटपाथों को गड्ढा मुक्त रखने के अपने निर्देशों का पालन नहीं करने पर मुंबई और पांच अन्य नगर निगमों के प्रमुखों को शुक्रवार को अदालत में तलब किया है।

एडवोकेट रूजू ठक्कर (Ruju Thakker) द्वारा दायर याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि जब तक वरिष्ठ अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी नहीं बनाया जाएगा तब तक कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। कोर्ट ने बीएमसी कमिश्नर के अलावा ठाणे नगर निगम, वसई-विरार नगर निगम, कल्याण-डोंबिवली नगर निगम, नवी मुंबई नगर निगम और मीरा-भयंदर नगर निगम के प्रमुखों को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। यह भी पढ़े-Thane Death: ठाणे में सड़क पर बने गड्ढे ने ली एक और जान, अब 30 वर्षीय महिला को टैंकर ने कुचला

मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय (D K Upadhyaya) और जस्टिस न्यायमूर्ति आरिफ डॉक्टर (Arif Doctor) की खंडपीठ ने संज्ञान लिया कि हाईकोर्ट ने 2018 में सभी स्थानीय निकायों को निर्देश दिया था कि वे सड़कों और फुटपाथ को गड्ढों से मुक्त रखना कड़ाई से सुनिश्चित करें।

खंडपीठ ने कहा कि पांच साल बीत चुके हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम नहीं उठाए गए हैं। कोर्ट ने कहा, ‘‘BMC कमिश्नर और अन्य महानगरपालिकाओं के आयुक्त हमारे समक्ष उपस्थित होकर स्पष्ट करें कि उन्हें कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने और अनुपालन नहीं करने के लिए जिम्मेदार क्यों ना ठहराया जाए।’’

दिसंबर 2022 में एक अदालत के आदेश में नगर निगम आयुक्तों को जिम्मेदार ठहराया गया था, यदि उनके अधिकार क्षेत्र में पॉटहोल (Pothole) की वजह से किसी की जान जाती हैं। लेकिन इन आदेशों के बावजूद हाल के महीनों में गड्ढों वाली सड़कों और खुले मैनहोल के कारण दुर्घटनाएँ हुई हैं।

याचिकाकर्ता ठक्कर ने अनुरोध किया है कि मुंबई और आसपास की सभी सड़कों की मरम्मत करने और उन्हें गड्ढा मुक्त बनाने के हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने पर स्थानीय निकायों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा, "प्रत्येक नागरिक निकाय को आदर्श रूप से हर मानसून से पहले अपने अधिकार क्षेत्र में पॉटहोल और मैनहोल का सर्वे करना चाहिए।" इसके अलावा, खंडपीठ ने कल्याण में 32 वर्षीय मोटरसाइकिल चालक की मौत की जांच के लिए दो वकीलों का कमीशन बनाया है। कथित तौर पर कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) के अधिकार क्षेत्र में आने वाले द्वारली गांव (Dwarli Village) में पॉटहोल से बचने की कोशिश में बाइकर गिर गया और उसे डंपर ने कुचल दिया।