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IAS तुकाराम मुंढे पर ‘हिंदू विरोधी’ होने का आरोप, सीधे मुख्यमंत्री फडणवीस से की गई शिकायत

Tukaram Mundhe FDA action: महाराष्ट्र में भंडारा, अन्नदान और महाप्रसाद को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के सख्त नियम पर विवाद बढ़ गया है। मंदिर महासंघ ने एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे के खिलाफ सीधे सीएम फडणवीस से शिकायत की है।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

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Updated: 9 Sep 2026, 12:09 PM IST

CM Fadnavis IAS Tukaram Mundhe Complaint

सीएम देवेंद्र फडणवीस और IAS तुकाराम मुंढे (Photo: IANS)

IAS Tukaram Mundhe Complaint: महाराष्ट्र में मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद अब गणेशोत्सव और अन्य सभी धार्मिक त्योहारों के दौरान भंडारा, अन्नदान और महाप्रसाद को लेकर जारी दिशा-निर्देशों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे की ओर से त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जारी नियमावली का महाराष्ट्र मंदिर महासंघ और विभिन्न मंदिरों के ट्रस्टों ने विरोध किया है। मंदिर प्रतिनिधियों ने इन नियमों को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से शिकायत की है।

तुकाराम मुंढे पर पक्षपात का आरोप

मंदिर महासंघ और ट्रस्टों का आरोप है कि धार्मिक कार्यक्रमों में भक्तों की ओर से सेवा भाव से आयोजित किए जाने वाले भंडारे और महाप्रसाद पर व्यावसायिक खाद्य प्रतिष्ठानों जैसी नियमावली लागू करना उचित नहीं है। उनका कहना है कि उन्हें खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन नियम सभी धर्मों के त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों पर समान रूप से लागू होने चाहिए।

मुख्यमंत्री फडणवीस तक पहुंची शिकायत

नागपुर में महाराष्ट्र मंदिर महासंघ और विभिन्न मंदिरों के ट्रस्टों ने आरोप लगाया है कि FDA की कार्रवाई और नियमावली मुख्य रूप से हिंदू धार्मिक आयोजनों को निशाना बना रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मंदिरों में भक्तों के लिए आयोजित महाप्रसाद और भंडारे पर खाद्य सुरक्षा के कड़े नियम लागू किए जा रहे हैं, तो अन्य धर्मों के त्योहारों में होने वाले सार्वजनिक अन्नवितरण पर भी समान व्यवस्था क्यों नहीं लागू की जाती?

ट्रस्टों ने एफडीए पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। यह शिकायत नागपुर के जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद के माध्यम से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तक पहुंचाई गई है।

'त्योहारों को नियंत्रित नहीं कर रहे, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे'

विवाद के बीच एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट किया है कि विभाग का उद्देश्य त्योहारों को नियंत्रित करना नहीं है। त्योहारों के दौरान लोगों को परोसा जाने वाला भोजन सुरक्षित हो और 2011 से लागू खाद्य सुरक्षा कानून के अनुरूप हो, यही एफडीए का उद्देश्य है।

मुंढे के मुताबिक यही व्यवस्था शादी समारोह, भंडारा, ईद, क्रिसमस, नए साल की पूर्व संध्या और अन्य सार्वजनिक आयोजनों पर भी लागू होती है। उन्होंने त्योहारों और बड़े सार्वजनिक आयोजनों के दौरान खाद्य सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित स्थायी आदेश को लेकर पैदा हुई गलतफहमियों और आशंकाओं को दूर करने की बात कही है।

FDA ने शुरू किया 'त्योहार प्रवर्तन कैलेंडर'

मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ पिछले कई महीनों से चल रही कार्रवाई के बाद FDA ने अब पूरे साल के लिए 'त्योहार प्रवर्तन कैलेंडर' शुरू किया है। इसका उद्देश्य अलग-अलग त्योहारों और बड़े आयोजनों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा पर व्यवस्थित तरीके से नजर रखना है।

मुंढे के मुताबिक यह पहल किसी धर्म या त्योहार को नियंत्रित करने के लिए नहीं, बल्कि सार्वजनिक आयोजनों में लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए है।

FDA ने 12 हजार संस्थानों पर की कार्रवाई

मई 2026 में एफडीए आयुक्त का पद संभालने के बाद तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में पूरे महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है। मुंढे के अनुसार, उनके कार्यकाल में अब तक 12,083 प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें 5,269 इकाइयों को सुधार नोटिस जारी किए गए, जबकि 603 इकाइयों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन के आदेश दिए गए हैं।

होटल, रेस्तरां और खान-पान की दुकानों के खिलाफ भी बड़े स्तर पर जांच की गई। कुल 1,803 निरीक्षण किए गए, जिनमें 948 मामलों में सुधार नोटिस जारी हुए और 199 मामलों में लाइसेंस निलंबित किए गए।

तुकाराम मुंढे के मुताबिक उनके कार्यकाल के दौरान विभिन्न नियमों के उल्लंघन के मामलों में दवा कंपनियों के 740 लाइसेंस रद्द या निलंबित किए गए हैं। मई 2026 में एफडीए आयुक्त के रूप में उनकी नियुक्ति उनके 21 साल के प्रशासनिक करियर का 25वां तबादला भी था।

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