
गरबा में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने अपनी प्रतिक्रिया दी। (फाइल फोटो-IANS)
Sanjay Raut statement:महाराष्ट्र में नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर विवाद शुरू हो गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) की ओर से जारी गाइडलाइन पर शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। राउत ने कहा कि जब प्रधानमंत्री विदेश में मुस्लिम नेताओं से मिलकर उन्हें अपना भाई बताते हैं, तो भारत में उसी समुदाय के लोगों को गरबा में जाने से रोकने की बात कैसे हो सकती है।
राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री जब विदेश जाते हैं तो मस्जिदों में भी जाते हैं और मुस्लिम देशों के नेताओं से मुलाकात करते हैं। उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री उन्हें भी अपना भाई कहते हैं। ऐसे में राउत का सवाल था कि अगर वहां भाई हैं तो यहां किसी मुस्लिम को गरबा या डांडिया में जाने से क्यों रोका जाए।
दरअसल, VHP ने महाराष्ट्र में नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा और डांडिया कार्यक्रमों को लेकर आयोजकों से सावधानी बरतने को कहा है। गाइडलाइन में कार्यक्रम में आने वाले लोगों की पहचान जांचने और प्रवेश के समय तिलक लगाने जैसी व्यवस्था का जिक्र किया गया है। संगठन की ओर से मुस्लिमों को इन आयोजनों से दूर रखने की अपील भी की गई है।
इसी मुद्दे पर राउत ने कहा कि देश में रहने वाले लोगों के साथ धर्म के आधार पर अलग व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर विदेश में मुस्लिम नेताओं को भाई कहा जाता है, तो भारत में उन्हें दुश्मन की तरह देखने की बात कैसे सही हो सकती है।
नागपुर में राउत ने हल्द्वानी के 'शुद्धिकरण' मामले में दर्ज FIR पर भी बात की। उन्होंने FIR दर्ज होने को अच्छी बात बताया। राउत ने कहा कि उन्होंने सुना था कि इस मामले में राहुल गांधी को आरोपी बनाने की कोशिश की जा रही थी।
उन्होंने कहा कि अगर जनता के दबाव के बाद उस व्यक्ति या लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जिन पर सामाजिक माहौल बिगाड़ने का आरोप है, तो यह सही कदम है। राउत ने कहा कि मामले में आगे भी कानून के हिसाब से कार्रवाई होनी चाहिए।
गरबा में एंट्री को लेकर VHP की गाइडलाइन और हल्द्वानी FIR के मुद्दे पर संजय राउत के बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो सकती है। एक तरफ गरबा आयोजनों की व्यवस्था और पहचान जांच को लेकर चर्चा हो रही है, तो दूसरी तरफ इसे धर्म के आधार पर लोगों के साथ भेदभाव से जोड़कर सवाल उठाए जा रहे हैं।
राउत ने दोनों मामलों को लेकर अपनी बात रखी और प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरों का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि देश और विदेश में मुस्लिम समुदाय को लेकर अलग-अलग रवैया कैसे हो सकता है। वहीं, हल्द्वानी मामले में FIR दर्ज होने को उन्होंने जनता के दबाव का नतीजा बताया।
Updated on:
09 Sept 2026 10:58 am
Published on:
09 Sept 2026 10:58 am
