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IAS तुकाराम मुंढे का दनादन एक्शन: 880 दवा कंपनियों और दुकानों पर छापा, 11 करोड़ का स्टॉक जब्त, 203 लाइसेंस रद्द

Tukaram Mundhe FDA action: महाराष्ट्र एफडीए ने जून से अगस्त के बीच 880 दवा निर्माण और बिक्री प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। इस दौरान 11.41 करोड़ की अवैध दवाएं और कॉस्मेटिक्स जब्त किए गए, जबकि 21 गिरफ्तारियां हुईं।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

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Updated: 8 Sep 2026, 3:43 PM IST

Maharashtra FDA Crackdown

नियम तोड़ने वालों पर जारी रहेगी सख्ती- तुकाराम मुंढे (Photo: IANS/File)

MaharashtraFDA Action: महाराष्ट्र में दवाओं की गुणवत्ता और बिक्री में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ IAS तुकाराम मुंढे की अगुवाई वाली एफडीए (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। जून से अगस्त के बीच खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (FDA) ने राज्य में 880 दवा निर्माण और बिक्री प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान अवैध दवाओं और कॉस्मेटिक्स का 11.41 करोड़ रुपये का स्टॉक जब्त किया गया।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने राज्यभर में खाद्य और दवा सुरक्षा को लेकर निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। होटल, पब, रेस्तरां और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों के बाद अब दवा निर्माण और बिक्री व्यवस्था पर भी सख्ती बढ़ाई गई है।

तीन महीने में 2902 प्रतिष्ठानों की जांच

FDA के अनुसार, जून से अगस्त के बीच अधिकारियों ने कुल 2,902 निरीक्षण किए। इनमें 607 दवा निर्माण इकाइयों और 2,295 दवा बिक्री प्रतिष्ठानों की जांच की गई।

जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 140 विनिर्माण इकाइयों और 740 बिक्री प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई। विभाग ने 677 लाइसेंस निलंबित किए, जबकि 203 लाइसेंस रद्द कर दिए।

इसके अलावा FDA ने अवैध दवाओं और कॉस्मेटिक्स से जुड़े मामलों में 104 तलाशी और जब्ती अभियान चलाए। इन मामलों में 20 FIR दर्ज की गईं और 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

बिना डॉक्टर की पर्ची के बेची जा रही थीं दवाएं

FDA की जांच में दवा कारोबार से जुड़े कई गंभीर उल्लंघन सामने आए। अधिकारियों को ऐसी दवाओं के निर्माण और बिक्री के मामले मिले जो मानकों के अनुरूप नहीं थीं। कुछ दवा निर्माण इकाइयों में बिना अनुमति के दवाओं का निर्माण किया जा रहा था, साथ ही क्वालिटी कंट्रोल और प्रोडक्शन रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ियां पाई गईं।

जांच में यह भी पाया गया कि कुछ स्थानों पर पंजीकृत फार्मासिस्ट की निगरानी के बिना दवाएं बेची जा रही थीं। ग्राहकों को दवाओं के बिल नहीं दिए जा रहे थे। इसके अलावा डॉक्टर की पर्ची के बिना शेड्यूल्ड दवाएं दी जा रही थीं। यहां तक की एक्सपायरी डेट वाली दवाओं को उचित तरीके से अलग नहीं रखा गया था। कई उल्लंघन सीधे तौर पर दवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा से जुड़े हैं।

तुकाराम मुंढे ने कहा, नियम तोड़ने वालों पर जारी रहेगी सख्ती

एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने कहा कि नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और नियमों के अनुरूप दवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि निर्माण से लेकर दवा की अंतिम बिक्री तक हर स्तर पर निगरानी मजबूत करने के लिए निरीक्षण प्रक्रिया तेज की गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नियमों का पालन करने वाले प्रतिष्ठानों को विभाग का सहयोग मिलेगा, लेकिन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

मुंढे के कार्यभार संभालने के बाद महाराष्ट्र FDA ने खाद्य सुरक्षा और नियामकीय अनुपालन को लेकर भी कई बड़े अभियान चलाए हैं। मुंबई समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में दूध, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट तथा दूसरे नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

एफडीए के आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र में पिछले वर्ष की तुलना में इस बार एफडीए की कार्रवाई में भारी उछाल दर्ज किया गया है। प्राप्त शिकायतों में 557 प्रतिशत, शिकायतों की जांच में 378 प्रतिशत, सर्च ऑपरेशन में 217 प्रतिशत और जब्त सामान की कीमत में 234 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।

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