
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने की पीएम मोदी से मुलाकात (Photo: IANS/File)
Maharashtra Chemical Park: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पालघर जिले में वाधवन पोर्ट के पास एक मेगा केमिकल पार्क स्थापित करने की योजना का ऐलान किया है। इसके लिए राज्य सरकार 2,500 से 5,000 एकड़ तक जमीन उपलब्ध कराने को तैयार है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से इस परियोजना को जल्द मंजूरी देने की अपील की है। इस प्रस्ताव से महाराष्ट्र में रासायनिक उद्योगों के विकास और निवेश को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, परियोजना की अंतिम मंजूरी और निर्माण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया केंद्र के फैसले पर निर्भर करेगी।
मुंबई के गोरेगांव में आयोजित इंडोकेम (IndoChem) कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान सीएम फडणवीस ने इस प्रस्ताव की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रस्तावित केमिकल पार्क के लिए जमीन उपलब्ध कराने को तैयार है और केंद्र से परियोजना को मंजूरी देने का आग्रह किया है।
वाधवन पोर्ट महाराष्ट्र के पालघर जिले में स्थित है। इस क्षेत्र में प्रस्तावित केमिकल पार्क का उद्देश्य रासायनिक उद्योगों के लिए बड़े पैमाने पर औद्योगिक ढांचा विकसित करना है। हालांकि, परियोजना के स्वरूप, निवेश और निर्माण की समयसीमा को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रस्तावित परियोजना का स्थान पर्यावरण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। पालघर जिले की दहाणु तहसील को पहले पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया था। ऐसे में केमिकल पार्क की स्थापना के लिए पर्यावरण संबंधी नियमों और मंजूरियों की भूमिका अहम होगी।
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने कार्यक्रम में बताया कि केंद्र सरकार ने बजट में 'भव्य रसायन' योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार 1,000 करोड़ रुपये और राज्य सरकार 500 करोड़ रुपये का योगदान देगी।
जेपी नड्डा ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार योजना के तहत पर्यावरण संबंधी मंजूरियां हासिल करने की प्रक्रिया में भी सहायता करेगी।
वधावन बंदरगाह का विकास जवाहरलाल नेहरू पोर्ट प्राधिकरण (जेएनपीए) और महाराष्ट्र समुद्री बोर्ड द्वारा गठित विशेष उद्देश्यीय इकाई के जरिये किया जा रहा है। यदि यहां मेगा केमिकल पार्क की योजना को हरी झंडी मिलती है, तो इससे महाराष्ट्र में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं बन सकती हैं। फिलहाल, परियोजना की मंजूरी, जमीन का अंतिम निर्धारण और पर्यावरण संबंधी प्रक्रियाएं इसके आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण होंगी।
Updated on:
22 Oct 2026, 4:57 PM IST
Published on:
22 Oct 2026, 4:04 PM IST
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