
बिगड़ती तबीयत के बीच बोले- समाज के हक के लिए लड़ता रहूंगा, फोटो सोर्स- ANI
Manoj Jarange Emotional Statement: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मुंबई की ओर बढ़ रहे मनोज जरांगे पाटिल ने पटोदा में समर्थकों के बीच भावुक अपील की। लगातार भूख हड़ताल और बिगड़ती तबीयत के बीच जरांगे ने कहा कि अब उनके शरीर में ताकत नहीं बची है, लेकिन वह मुंबई जाने के अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगे। इस दौरान उनकी आंखों में आंसू भी नजर आए।
पटोदा में देर रात बड़ी संख्या में मराठा समुदाय के लोग जरांगे के स्वागत और उन्हें देखने के लिए जुटे थे। इसी दौरान जरांगे ने अपने समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मराठा आरक्षण की लड़ाई समाज और बच्चों के भविष्य के लिए है और इसके लिए त्याग करना पड़ता है।
अपने संबोधन के दौरान जरांगे ने अपनी खराब होती सेहत का जिक्र करते हुए कहा कि लंबे समय से जारी भूख हड़ताल के कारण उनका शरीर थक चुका है। उन्होंने कहा कि अब उनमें पहले जैसी ताकत नहीं बची है, फिर भी वह अपना मुंबई दौरा पूरा करना चाहते हैं। जरांगे ने भावुक होते हुए कहा कि 'मुझे मुंबई जाकर मर जाने दो।' उनके इस बयान के बाद वहां मौजूद समर्थकों के बीच चिंता का माहौल बन गया। उन्होंने कहा कि आरक्षण का मुद्दा उनके लिए महत्वपूर्ण है और वह समाज के बच्चों के भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
जरांगे की लगातार बिगड़ती सेहत को लेकर मेडिकल टीम भी चिंतित है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें सलाइन लेने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने उपचार लेने से इनकार किया। जरांगे ने कहा कि सलाइन छोड़ने के बाद उनकी तबीयत और खराब हुई है और उन्हें हाथ-पैर उठाने में भी परेशानी हो रही है। उन्होंने समर्थकों से यह भी कहा कि केवल भीड़ जुटाने के बजाय आंदोलन की गंभीरता को समझने की जरूरत है। जरांगे ने कहा कि वह अपने तय कार्यक्रम के मुताबिक मुंबई की ओर आगे बढ़ना चाहते हैं।
अपने संबोधन में मनोज जरांगे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ साजिश की जा रही है और उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जरांगे ने कहा कि वह सरकार के सामने झुकने के बजाय मराठा समुदाय की मांग को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने अपने समर्थकों से भी संयम बनाए रखने की अपील की।
मनोज जरांगे ने कहा कि वह मुंबई जाने के अपने फैसले पर कायम हैं। उनका कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह अपना रास्ता बदलकर भी आगे बढ़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें आजाद मैदान पहुंचने से रोका गया तो परिस्थितियों के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी। मुंबई पुलिस की ओर से जरांगे के प्रस्तावित आंदोलन को अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद वह मुंबई की ओर बढ़ रहे हैं। अब उनकी बिगड़ती सेहत और मुंबई में प्रस्तावित आंदोलन को लेकर आगे की स्थिति पर नजर बनी हुई है।
Updated on:
16 Sept 2026 04:56 pm
Published on:
16 Sept 2026 04:56 pm
