
अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को मनोज जरांगे से मुलाकात की (Photo: X/@abhijeet_dipke/File)
Manoj Jarange Maratha Andolan: मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील का अनशन आज 18वें दिन भी जारी है। मराठा कार्यकर्ता आज सुबह करीब 11 बजे अंतरवाली सराटी से मुंबई के लिए रवाना होने वाले हैं। इस बीच मुंबई पुलिस ने आजाद मैदान में आंदोलन की अनुमति देने से एक बार फिर इनकार कर दिया है। अनुमति नहीं मिलने के बावजूद मनोज जरांगे मुंबई जाने के अपने फैसले पर कायम हैं।
मुंबई पुलिस की ओर से दूसरी बार अनुमति खारिज किए जाने के बाद मनोज जरांगे की ओर से एक बार फिर आवेदन किया गया है। यह तीसरी बार है जब मुंबई में आंदोलन की अनुमति के लिए आवेदन किया गया है। नए आवेदन में 50 लोगों को आंदोलन की अनुमति देने की मांग की गई है।
जरांगे की ओर से पुलिस को दिए गए आवेदन में कहा गया है कि वे सभी नियम और शर्तों का पालन करेंगे। साथ ही 18 सितंबर को निर्धारित समय और स्थान पर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने की बात कही गई है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि मुंबई पुलिस इस नए आवेदन पर क्या फैसला लेती है। अगर मंगलवार दोपहर तक अनुमति नहीं मिली तो मनोज जरांगे की ओर से हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाए जाने की संभावना है।
मुंबई पुलिस द्वारा आजाद मैदान में अनशन की अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद मनोज जरांगे ने मुंबई जाने का फैसला नहीं बदला है। उन्होंने कहा है कि फिलहाल वह अकेले मुंबई के लिए रवाना होंगे और आजाद मैदान में अनशन करने की कोशिश करेंगे।
जरांगे ने बताया कि मुंबई पहुंचने के लिए पांच चरण तय किए गए हैं। उन्होंने कहा, "मराठा समाज को मुंबई आने से रोका गया, लेकिन अब मैं खुद मुंबई जा रहा हूं। अब देखता हूं मुझे कौन रोकता है और आजाद मैदान में आंदोलन की अनुमति कौन नहीं देता।"
जरांगे ने यह भी चेतावनी दी कि अगर उन्हें अब भी आंदोलन की अनुमति नहीं दी गई तो बड़ी संख्या में मराठा समाज के लोग मुंबई पहुंच सकते हैं।
मुंबई पुलिस ने आजाद मैदान में मनोज जरांगे के अनशन को दूसरी बार अनुमति देने से इनकार किया है। पुलिस की ओर से इसके पीछे कानूनी और सुरक्षा संबंधी कारण बताए गए हैं। गणेशोत्सव के दौरान मुंबई में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था भी महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है।
इस पूरे विवाद के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि सरकार ने बातचीत के रास्ते बंद नहीं किए हैं। सरकार संविधान के दायरे में रहकर जो कुछ किया जा सकता है, वह करने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून के दायरे से बाहर जाकर किसी मांग को पूरा नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने दावा किया कि मनोज जरांगे की अधिकतर मांगें मान ली गई हैं। उन्होंने गणेशोत्सव का हवाला देते हुए मनोज जरांगे से मुंबई जाने के फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील भी की।
एक तरफ मनोज मनोज जरांगे मुंबई जाने की तैयारी में हैं, वहीं दूसरी तरफ मुंबई पुलिस ने आंदोलन की अनुमति से इनकार किया है। जरांगे के नए आवेदन पर पुलिस का फैसला और उसके बाद उनकी कानूनी रणनीति इस पूरे आंदोलन की अगली दिशा तय कर सकती है।
Updated on:
15 Sept 2026 01:16 pm
Published on:
15 Sept 2026 09:48 am
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