
Illegal Bangladeshis In Mumbai
मुंबई में अगले कुछ महीनों में बीएमसी इलेक्शन होने वाले हैं। ऐसे में सभी पार्टियां तैयारी शुरू कर दी हैं। इस बीएमसी इलेक्शन से पहले मुंबई में एक बार फिर अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्या का मुद्दा गरमा गया है। उपनगर के पालक मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने आदेश दिया है कि मालाड और मालवणी (पी नॉर्थ वॉर्ड) में कितने बांग्लादेशी और रोहिंग्या अवैध रूप से रह रहे हैं, इसकी जांच होनी चाहिए।
इस जांच के लिए मंत्री लोढा ने बीएमसी, पुलिस, रेवेन्यू और रेशनिंग डिपार्टमेंट की टीम बनाया है। जो इस बात की जांच करेगी कि कितने बांग्लादेशी और रोहिंग्या बिना परमिशन के अवैध रूप से और अवैध निर्माण कर यहां रह रहे हैं। इसकी रिपोर्ट 90 दिनों में सौंपना हैं। बुधवार को मंगल प्रभात लोढा पी नॉर्थ वॉर्ड में पहुंचे थे। जहां उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना। यह भी पढ़े: Maharashtra Politics: एकनाथ शिंदे की बगावत में शरद पवार का हाथ? सीएम ने किया बड़ा सियासी खुलासा
बता दें कि इस बैठक में बीएमसी के कुछ अधिकारी, पुलिस अधिकारी और अन्य डिपार्टमेंट के अधिकारी शामिल थे। इस बैठक में कई लोगों ने अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्या का मुद्दा उठाया, जिसके बाद मंगल प्रभात लोढा ने जांच का आदेश दे दिया। प्रस्तावित बीएमसी इलेक्शन में मुंबई में अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्या मुसलमानों का मुद्दा काफी गरमा गया हैं। इस मुद्दे को बीजेपी ने अभी से हवा देनी शुरू कर दी है।
घर बेचकर पलायन कर रहे हैं हिंदू: बता दें कि इस मामले को लेकर बीजेपी के पूर्व नगरसेवक विनोद मिश्रा ने कहा कि यहां करीब पांच से सात हजार बांग्लादेशी अवैध रूप से कई सालों से रह रहे हैं। लेकिन उनकी अधिकृत जानकारी किसी के पास भी नहीं है। पिछले कुछ सालों में मालाड मालवणी में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हुआ है और लोगों के अवैध राशन कार्ड भी बनाए गए हैं। मालवणी में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों ने खाली जमीन पर अवैध कब्जा कर झोपड़े बना लिए हैं। मालवणी के एक कॉम्प्लेक्स की 4 बिल्डिंगों में हिंदू समेत सभी समाज के लोग रहते थे, लेकिन एक समाज के लोगों से तंग आकर सभी अपने-अपने घर बेचकर वहां से चले गए।
पिछले कुछ समय में यहां से बड़ी संख्या में हिंदुओं का पलायन हुआ है। इसके बाद मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने इस मामले की जांच और संदिग्धों के पेपर वेरिफिकेशन का आदेश दिया हैं। लोढ़ा ने कहा कि अवैध तरीके से रह रहे लोगों के डाक्यूमेंट्स की जांच के लिए पुलिस, राशन डिपार्टमेंट और अन्य विभाग के अधिकारी आपस में समन्वय जांच करें। यह भी जांच हो कि वहां रह रहे लोगों का पैतृक घर कहां है? वो लोग कहा से आए हैं? समिति को 90 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
Updated on:
20 Oct 2022 12:24 pm
Published on:
20 Oct 2022 12:23 pm
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