
मुंबई में 2 नए रिंग रोड की घोषणा, MMRDA का मास्टर प्लान तैयार (Photo: IANS/File)
MMRDA Ring Road Plan: मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में बढ़ती ट्रैफिक समस्या को कम करने और कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने बड़ी योजना तैयार की है। एमएमआरडीए ने मौजूदा रिंग रोड नेटवर्क में दो नए रिंग रोड कॉरिडोर जोड़ने का फैसला किया है। इसके बाद मुंबई महानगर क्षेत्र में प्रस्तावित रिंग रोड कॉरिडोर की संख्या 7 से बढ़कर 9 हो जाएगी।
इन दोनों नए रिंग रोड की कुल लंबाई करीब 307 किलोमीटर होगी। खास बात यह है कि MMRDA पूरे 307 किलोमीटर के नए रास्ते नहीं बनाएगा। इसके बजाय मौजूदा सड़कों, निर्माणाधीन परियोजनाओं और भविष्य में बनने वाले कोस्टल रोड, सी-लिंक, एक्सप्रेसवे और सुरंगों (टनल) को आपस में जोड़कर एक लगातार चलने वाला रिंग रोड नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
एमएमआरडीए का 8वां रिंग रोड करीब 197 किलोमीटर लंबा होगा। इसे अटल सेतु-ठाणे-नवी मुंबई लूप के रूप में विकसित किया जाएगा। यह कॉरिडोर शिवड़ी से शुरू होकर ठाणे और नवी मुंबई होते हुए दोबारा शिवड़ी से जुड़ेगा। इस रूट में ईस्टर्न फ्रीवे, ठाणे का आनंद नगर-साकेत एलिवेटेड रोड, मुंबई-वडोदरा एक्सप्रेसवे और एनएच-4बी जैसे प्रमुख मार्ग शामिल होंगे। इसके बाद यह मार्ग चिरले से अटल सेतु (MTHL) के जरिए दोबारा शिवड़ी से जुड़ जाएगा।
इस रिंग रोड से ठाणे, नवी मुंबई और भिवंडी के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। इसके अलावा जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNPT) और दूसरे महत्वपूर्ण मालवाहक केंद्रों तक पहुंच आसान होगी। इसका फायदा खास तौर पर भारी वाहनों और माल परिवहन को मिल सकता है, जिससे मुंबई के भीतर ट्रकों की आवाजाही का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
दूसरा नया कॉरिडोर यानी 9वां रिंग रोड करीब 110 किलोमीटर लंबा होगा। इसे मुंबई कोस्टल रोड और ईस्टर्न फ्रीवे को जोड़ने वाले लूप के रूप में विकसित किया जाएगा। इसकी शुरुआत नरिमन पॉइंट से होगी। वहां से यह कोस्टल रोड और सी-लिंक के जरिए बांद्रा, वर्ली, वर्सोवा और बोरीवली तक पहुंचेगा। इसके बाद यह मार्ग ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल, ठाणे कोस्टल रोड और पूर्वी कॉरिडोर के जरिए फिर से दक्षिण मुंबई के नरिमन पॉइंट से जुड़ जाएगा। यानी मुंबई के दक्षिणी हिस्से से पश्चिमी उपनगरों, बोरीवली और ठाणे होते हुए फिर दक्षिण मुंबई तक एक बड़ा ट्रैफिक लूप तैयार होगा।
इस योजना की खासियत यह है कि 307 किलोमीटर का पूरा नया सड़क नेटवर्क जमीन पर अलग से नहीं बनाया जाएगा। मौजूदा और निर्माणाधीन परियोजनाओं को आपस में जोड़कर एक लगातार चलने वाला ट्रैफिक नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
इसमें एमएमआरडीए के साथ मुंबई नगर निगम (BMC), महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) और एनएचएआई (NHAI) की परियोजनाओं को भी जोड़ा जाएगा। इससे अलग-अलग हिस्सों में बन रहे सड़क और परिवहन प्रोजेक्ट एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा बन जाएंगे।
मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों नए रिंग रोड एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर होंगे। इन मार्गों पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 80 किमी प्रति घंटा रखी जाएगी। इसका उद्देश्य तेज और निर्बाध यातायात के लिए ऐसा वैकल्पिक नेटवर्क तैयार करना है, जिससे वाहन चालकों को मुंबई के भीड़भाड़ वाले अंदरूनी इलाकों से होकर गुजरने की जरूरत कम पड़े।
MMRDA ने दोनों कॉरिडोर और संबंधित कनेक्टिविटी परियोजनाओं को जोड़कर तैयार किए जाने वाले इस नेटवर्क को 2029 तक पूरा कर यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य रखा है। पूरे विस्तारित रिंग रोड नेटवर्क को विकसित करने और विभिन्न परियोजनाओं को आपस में जोड़ने पर करीब 58,518 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह प्रोजेक्ट मुंबई की मौजूदा सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करेगा और उपनगरों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।
Updated on:
01 Sept 2026 01:35 pm
Published on:
01 Sept 2026 01:27 pm
