
मुंबई में भांजे से मिलने आए मामा की मौत, माटुंगा पुलिस स्टेशन, फोटो सोर्स- महाराष्ट्र पुलिस
Mumbai construction site accident: मुंबई के वडाला पश्चिम स्थित बालकृष्ण सुले मार्ग पर एक निर्माणाधीन इमारत में दर्दनाक हादसा हुआ। यहां लिफ्ट के डक्ट में गिरने से 37 साल के संजय लिंबुनस मिंज की मौत हो गई। घटना 10 सितंबर की देर रात करीब 1 से 3 बजे के बीच की बताई जा रही है। मामले में निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजाम नहीं होने का आरोप लगाते हुए माटुंगा पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
महाराष्ट्र टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस का ने जानकारी दी है कि संजय मिंज इस निर्माण स्थल पर काम नहीं करते थे। वह अपने दो दोस्तों के साथ वहां काम करने वाले अपने भांजे से मिलने पहुंचे थे। 10 सितंबर की रात चारों ने साथ में खाना खाया। इसके बाद वे उसी निर्माणाधीन इमारत की छठी मंजिल पर सोने चले गए। देर रात या तड़के अचानक संजय का संतुलन बिगड़ गया और वह बिना सुरक्षा इंतजाम वाले लिफ्ट डक्ट में जा गिरे। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही माटुंगा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि निर्माण स्थल पर ठेकेदार की ओर से जरूरी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए थे। साथ ही वहां काम करने वाले लोगों के लिए सुरक्षित लेबर कैंप की भी व्यवस्था नहीं की गई थी। पुलिस ने प्रथम दृष्टया लापरवाही को देखते हुए ठेकेदार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
इतना ही नहीं मुंबई में इसी बीच एक अन्य सड़क हादसे से जुड़े मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने नाबालिग आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया है। मामला 5 फरवरी को विद्याविहार में हुए हादसे का है। आरोप है कि नाबालिग अपने पिता की कार तेज रफ्तार से चला रहा था और उसने एक स्कूटर को टक्कर मार दी थी। हादसे में स्कूटर सवार कारोबारी ध्रुमिल पटेल की मौत हो गई थी, जबकि उनके साथ पीछे बैठी उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हुई थीं और स्थायी रूप से दिव्यांग हो गईं।
पुलिस ने हादसे के समय 17 साल 8 महीने के नाबालिग चालक को गिरफ्तार किया था। 6 मार्च को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के मजिस्ट्रेट ने उसे जमानत दे दी थी। हालांकि, बाद में सत्र अदालत ने बोर्ड के इस आदेश को रद्द कर दिया। इसके बाद मामला बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचा, जहां अदालत ने नाबालिग को जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने बच्चों को बिगाड़ने और समाज के लिए खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने की जरूरत पर भी टिप्पणी की।
Updated on:
18 Sept 2026 12:58 pm
Published on:
18 Sept 2026 12:36 pm
